सोमवार, 19 अक्तूबर 2015

क्या दिल का लगाना भूल गए Kya Dil Ka Lgaana Bhool Gaye Lata & Talat - परछाईं.

क्या दिल का लगाना भूल गए
Kya Dil Ka Lgaana Bhool Gaye
Lata & Talat -
film परछाईं.
1952


SONG
 अपनी कहो कुछ मेरी सुनो
क्या दिल का लगाना भूल गए, क्या भूल गए
 रोने की आदत ऐसी पड़ी
हँसने का तराना भूल गए, हाँ भूल गए
 काली रातें बीत गईं
फिर चाँदनी रातें आई हैं
 दिल में नहीं उजियाला मेरे
ग़म की घटाएं छाई हैं
 प्रीत के वादे याद करो
क्या प्रीत निभाना भूल गए, क्या भूल गए
 भूला हुआ है राह मुसाफ़िर
बिछड़ा हुआ है मंज़िल से
 खोए हुए रस्ते का पता
तुम पूछ लो ख़ुद अपने दिल से
चलते चलते ऐसे थके
मंज़िल का ठिकाना भूल गए, हाँ भूल गए
 नज़्दीक आओ, नज़्देएक आ ...
यह मौसम नहीं फिर आने का
 नज़्दीक शमा के जाने से
क्या हाल हुआ पर्वाने का
 मिटने का फ़साना याद रहा
जलने का फ़साना भूल गए, क्या भूल गए
अपनी कहो कुछ मेरी सुनो
क्या दिल का लगाना भूल गए, क्या भूल गए


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