15/10/15

ओ दूर के मुसाफिर . हमको भी साथ ले ले// उड़न खटोला

ओ दूर के मुसाफिर
गीतकार : शकिल बदायुनी,
गायक : मोहम्मद रफी,
संगीतकार : नौशाद,
: उडन खटोला
1955


    song


चले आज तुम जहाँ से, हुई ज़िंदगी परायी
तुम्हें मिल गया ठिकाना, हमें मौत भी न आयी

ओ दूर के मुसाफ़िर हम को भी साथ ले ले रे
हम को भी साथ ले ले
हम रह गये अकेले

तूने वो दे दिया ग़म, बेमौत मर गये हम
दिल उठ गया जहाँ से, ले चल हमें यहाँ से
ले चल हमें यहाँ से
किस काम की ये दुनिया जो ज़िंदगी से खेले रे
हम को भी साथ ले ले, हम रह गये अकेले

सूनी हैं दिल की राहें, खामोश हैं निगाहें
नाकाम हसरतों का उठने को है जनाज़ा
उठने को है जनाज़ा
चारों तरफ़ लगे हैं बरबादियों के मेले रे
हम को भी साथ ले ले, हम रह गये अकेले

ओ दूर के मुसाफ़िर हम को भी साथ ले ले रे
हम को भी साथ ले ले

हम रह गये अकेले


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