29/3/16

इन आँखों की मस्ती के मस्ताने हज़ारों हैं//in aankhon kee masti ke


इन आँखों की मस्ती के मस्ताने हज़ारों हैं,
गीतकार : शहरयार
, गायक : आशा भोसले,
 संगीतकार : खय्याम,
चित्रपट : उमराव जान


इन आँखों की मस्ती के मस्ताने हज़ारों हैं
इन आँखों से वाबस्ता अफ़साने हज़ारों हैं
इन आंखों…
इक तुम ही नहीं तन्हा, उलफ़त में मेरी रुसवा
इस शहर में तुम जैसे दीवाने हज़ारों हैं

इन आँखों…
इक सिर्फ़ हम ही मय को आँखों से पिलाते हैं
कहने को तो दुनिया में मयखाने हज़ारों हैं
इन आँखों…

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