मंगलवार, 29 मार्च 2016

कहीं पे निगाहें कहीं पे निशाना Kahin Pe Nigahen Kahin Pe Nishana - Shamshad Begum, Waheeda Rahman, CID ...

गीतकार : मजरुह सुलतानपुरी,
 गायक : शमशाद बेगम,
संगीतकार : ओ. पी. नय्यर,
 Lyricist : Majrooh Sultanpuri,
Singer : Shamshad Begum,
Music Director : O. P. Nayyar,
 Movie : C.I.D 
1956

                    गाना 
कहीं पे निगाहें कहीं पे निशाना
जीने दो ज़ालिम बनाओ न दीवाना
कहीं पे निगाहें...

कोई न जाने इरादे हैं किधर के
मार न देना तीर नज़र का किसी के जिगर पे
नाज़ुक ये दिल है बचाना ओ बचाना
कहीं पे निगाहें...

तौबा जी तौबा निगाहों का मचलना
देख-भाल के ऐ दिलवालों पहलू बदलना
क़ाफ़िर अदा की अदा है मस्ताना
कहीं पे निगाहें...

ज़ख़्मी हैं तेरे जायें तो कहाँ जायें
तेरे तीर के मारे हुये देते हैं सदायें
कर दो जी घायल तुम्हारा है ज़माना
कहीं पे निगाहें...

आया शिकारी ओ पंछी तू सम्भल जा
देख जाल है ज़ुल्फ़ों का तू चुपके से निकल जा
उड़ जा ओ पंछी शिकारी है दीवाना
कहीं पे निगाहें...

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