सोमवार, 28 मार्च 2016

मैं गरीबों का दिल हूँ वतन की जबाँ main garibon ka dil hoon.. film aab -e -hatat

 मैं गरीबों का दिल हूँ
 film aab -e -hatat, 
gaayak- hemant kumar 
1955,


             


Song
मैं गरीबों का दिल, मैं मचलती सबाँ

बेकसों के लिये, प्यार का आशियाँ

मैं गरीबों का दिल …

मैं जो गाता चला, साथ महफ़िल चले

मैं जो बढ़ता चला, साथ मंज़िल चले

मुझे राह दिखाती चले बिजलियाँ

मैं गरीबों का दिल …
हुस्न भी देख कर मुझको हैरान है

इश्क़ को मुझसे मिलने का अरमान है

देखो अरमान है

अपनी दुनिया का हूँ मैं हसीं नौजवाँ
मैं गरीबों का दिल …

कारवाँ ज़िंदगानी का रुकता नहीं

बादशाहों के आगे ये झुकता नहीं

चाँद तारों से आगे मेरा आशियाँ

मैं गरीबों का दिल --

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें