बुधवार, 30 मार्च 2016

मन धीरे धीरे गाये TALAT MAHMOOD & SURAIYA - Man dheere dheere gaye MAALIK

मन धीरे धीरे  गाये
 Man dheere dheere gaye
तलत महमूद,
talat mahmood
film - malik
1958,

गाना 
मन धीरे धीरे गाये रे
मालूम नहीं क्यों
बिन गाये रहा न जाये रे
मालूम नहीं क्यों

पलकों में छुपा कर गोरी
लाई है मिलन की डोरी
अब साथ है जीवन भर का
लो थाम लो बैंया मोरी
इक बात ज़ुबाँ पर आये रे
मालूम नहीं क्यों

आशाओं ने ली अंगड़ाई
तन मन में बजी शहनाई
दिल डूब गया मस्ती में
इक लहर खुशी की छाई
दिल हाथ से निकला जाये रे
मालूम नहीं क्यों

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