11/4/16

तू गंगा की मौज मे BAIJU BAWRA=TU GANGA KI MAUJ ME JAMNA KA DHAR JHANKAR M RAFI


Movie/Album: बैजू बावरा (1952)
Music By: नौशाद अली
Lyrics By: शकील बदायुनी
Performed By: मो.रफ़ी, लता मंगेशकर
                     गीत 
अकेली मत जइयो राधे जमुना के तीर

तू गंगा की मौज, मैं जमुना का धारा
हो रहेगा मिलन, ये हमारा
हमारा, तुम्हारा रहेगा मिलन
ये हमारा तुम्हारा

अगर तू है सागर तो मझधार मैं हूँ
तेरे दिल की कश्ती का पतवार मैं हूँ
चलेगी अकेले न तुमसे ये नैय
मिलेंगी न मंज़िल तुम्हें बिन खेवैया
चले आओ जी, चले आओ जी
चले आओ मौजों का ले कर सहारा, हो रहेगा मिलन
ये हमारा तुम्हारा...
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Movie/Album: बैजू बावरा (1952)
Music By: नौशाद अली
Lyrics By: शकील बदायुनी
Performed By: मो.रफ़ी, लता मंगेशकर

अकेली मत जइयो राधे जमुना के तीर

तू गंगा की मौज, मैं जमुना का धारा
हो रहेगा मिलन, ये हमारा
हमारा, तुम्हारा रहेगा मिलन
ये हमारा तुम्हारा

अगर तू है सागर तो मझधार मैं हूँ
तेरे दिल की कश्ती का पतवार मैं हूँ
चलेगी अकेले न तुमसे ये नैय
मिलेंगी न मंज़िल तुम्हें बिन खेवैया
चले आओ जी, चले आओ जी
चले आओ मौजों का ले कर सहारा, हो रहेगा मिलन
ये हमारा तुम्हारा...

भला कैसे टूटेंगे बंधन ये दिल के
बिछड़ती नहीं मौज से मौज मिल के
छुपोगे भँवर में तो छुपने न देंगे
डुबो देंगे नैया तुम्हें ढूँढ लेंगे
बनायेंगे हम, बनायेंगे हम
बनायेंगे तूफ़ाँ को लेकर किनारा, हो रहेगा मिलन
ये हमारा तुम्हारा...
भला कैसे टूटेंगे बंधन ये दिल के
बिछड़ती नहीं मौज से मौज मिल के
छुपोगे भँवर में तो छुपने न देंगे
डुबो देंगे नैया तुम्हें ढूँढ लेंगे
बनायेंगे हम, बनायेंगे हम
बनायेंगे तूफ़ाँ को लेकर किनारा, हो रहेगा मिलन
ये हमारा तुम्हारा..
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