11/4/16

जरा सामने तो आओ छलिए //Jara samne to aao chaliye

 ज़रा सामने तो आओ छलिये - 
zaraa saamane to aao chhaliye
 Janam Janam ke Phere
गीतकार  भरत व्यास
 लता मंगेशकर-Lata Mangeshkar
 मोहम्मद रफ़ी

SONG

ज़रा सामने तो आओ छलिये
छुप छुप छलने में क्या राज़ है
यूँ छुप ना सकेगा परमात्मा
ज़रा सामने ...
मेरी आत्मा की ये आवाज़ है

पिता अपने बालक से बिछुड़ से
हम तुम्हें चाहे तुम नहीं चाहो
ऐसा कभी नहीं हो सकता
जब हाथ में तिहारे मेरी लाज है
सुख से कभी नहीं सो सकता
हमें डरने की जग में क्या बात है
प्रेम की है ये आग सजन जो
यूँ छुप ना सकेगा परमात्मा
मेरी आत्मा की ये आवाज़ है
ज़रा सामने ...

तेरी प्रीत पे बड़ा हमें नाज़ है
इधर उठे और उधर लगे
प्यार का है ये क़रार जिया अब
इधर सजे और उधर सजे
ज़रा सामने ...
मेरे सर का तू ही सरताज है
यूँ छुप ना सकेगा परमात्मा
मेरी आत्मा की ये आवाज़ है



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