11/4/16

मैं दिल हूँ एक अरमान भरा// main dil hoon ek arman bhara.. anhonee1952 -talat mehmood - Satyendra At...

मैं दिल हूँ एक अरमान भरा,
 main dil hoon ek arman bhara,
अनहोनी ,
1952, 

मैं दिल हूँ इक अरमान भरा
तू आके मुझे पहचान ज़रा
तू आके मुझे पहचान ज़रा
इक सागर हूँ ठहरा ठहरा
ख़ुद मैने हुस्न के हाथों में,
मैं दिल हूँ इक अरमान भरा
गालों को गुलाबों का रुतबा,
शोखी का छलकता जाम दिया
आँखों को दिया सागर गहरा
कलियों को लबों का नाम दिया, नाम दिया
तू आके मुझे पहचान ज़रा
पर दिल की दौलत के आगे
ये सच है, तेरी महफ़िल में,
मेरे अफ़साने कुछ भी नहीं
दुनिया के खज़ाने कुछ भी नहीं
आखिर इक दिन बुझ जायेंगे
यूं मुझसे निगाहों को ना चुरा
तू आके मुझे पहचान ज़रा
ये झिलमिल कर्ते हुए दिये
दौलत के नशे में डूबे हुए
ये गीत मेरा
ये राग रंग मिट जायेंगे
गूँजेगा मगर ये गीत मेरा


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