रविवार, 8 मई 2016

ऐ मेरी ज़ोहरा जबीं, तुझे मालूम नहीं Aye Meri Zohra Jabeen - Waqt

ऐ मेरी ज़ोहरा जबीं, तुझे मालूम नहीं ,
Aye Meri Zohra Jabeen,
वक़्त
rafi 

         SONG 


ऐ मेरी ज़ोहरा-ज़बीं
तुझे मालूम नहीं
तू अभी तक है हंसीं
और मैं जवाँ
तुझपे क़ुरबान मेरी जान मेरी जान
ऐ मेरी ...


ये शोखियाँ ये बाँकापन
दिलों को जीतने का फ़न
जो तुझ में है कहीं नहीं
जो तुझ में है कहीं नहीं
मैं तेरी
तू मीठे बोल जान-ए-मन
मैं तेरी आँखों में पा गया दो जहाँ
ऐ मेरी ...


जो मुस्कुराके बोल दे
तो धडकनों में आज भी
ऐ मेरी ...
शराबी रंग घोल दे
ओ सनम
ओ सनम मैं तेरा आशिक़-ए-जाबिदाँ

 

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