रविवार, 15 मई 2016

है कली कली के लब Hai Kali Kali Ke Lab Par Tere Husn Ka Fasana

है कली  कली के लब 
Hai Kali Kali Ke Lab Par Tere Husn Ka Fasana
फिल्म - लाला रुख 
म्यूसिक -ख़ैयाम 
रफी 


     SONG

है कली कली के लब पर, तेरे हुस्न का फ़साना
मेरे गुल्सिताँ का सब कुछ, तेरा सिर्फ़ मुस्कुराना


ये खुले खुले से गेसू, उठे जैसे बदलियां सी,
तेरे नाचते कदम में है बहार का खज़ाना


ये झुकी झुकी निगाहें, गिरे जैसे बिजलियां सी
है कली कली के लब पर, तेरे हुस्न का फ़साना ...
कहीं रुक ना जाये ज़ालिम इस मोड़ पर ज़माना


तेरा झूमना मचलना, जैसे सर (?) बदल बदल के
मेरा दिल धड़क रहा है, तू लचक सम्भल सम्भलके
है कली कली के लब पर, तेरे हुस्न का फ़साना ...


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