13/5/16

Ishq Anokha - Kailash Kher | ft. Nawazuddin Siddiqui & Sobhita Dhulipala

Ishq Anokha ,
  Kailash Kher, | 
2016,

    SONG

देह नैन बिन, चन्द्र रैन बिन
दरिया लहर बिना, सागर ठहर बिना
दरिया लहर बिना, हो सागर ठहर बिना
हैं तू नदिया मदमाती, तू हवा बन इठलाती
हम धुप की चट्टानें, तू हँस हँस पिघलाती
हैं मेरा इश्क अनोखा हैं री
हैं मेरा इश्क अनोखा हैं री
बस जताना नहीं आता, हाँ बताना नहीं आता
हैं मेरा इश्क अनोखा हैं री
हैं मेरा प्रेम निराला हैं री
बतलाना नहीं आता, समझाना नहीं आता
मेरा इश्क अनोखा हैं री


तेरे बिन मैं, मैं तेरे बिन
जैसे देह बिन प्राण हे री गोरा
हथेली पे रख लाया जान
तेरे बिन मैं, मैं तेरे बिन
जैसे देह बिन प्राण हे री गोरा
हथेली पे रख लाया जान


हैं तू नदिया मदमाती, तू हवा बन इठलाती
हम धुप की चट्टानें, तू हँस हँस पिघलाती
हैं मेरा इश्क अनोखा हैं री
हैं मेरा इश्क अनोखा हैं री
बस जताना नहीं आता, हाँ बताना नहीं आता
हैं मेरा इश्क अनोखा हैं री
हैं मेरा प्रेम निराला हैं री
बतलाना नहीं आता
हे बतलाना नहीं आता, समझाना नहीं आता
हैं मेरा इश्क अनोखा हैं री
हैं मेरा इश्क अनोखा हैं री



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