शनिवार, 28 मई 2016

क्यूँ खोये खोये चाँद की फिराक मे "Keuinn... Khoya Khoya Chand ki firaaq mein talash mein..."

Movie: Khoya Khoya Chand
Singer: Ajay Jhingran, Swanand Kirkire
Music Director: Shantanu Moitra
Lyricist: Swanand Kirkire

2007

      SONG

आज शब् जो चाँद ने है रूठने की ठान ली
गर्दिशों में है सितारे बात हमने मान ली
अँधेरी श्याह ज़िन्दगी को सूझी थी नहीं गली
की आज हाथ थाम लो की एक हाथ की कमी खली
क्यूँ खोये खोये चाँद की फिराक में तलाश में उदास है दिल
क्यूँ अपने आप से खफा खफा ज़रा ज़रा सा नाराज़ है दिल
यह मंजिलें भी खुद ही तै करे
यह फासले भी खुद ही तै करे
क्यूँ रास्तों पे फिर सहम सहम संभल संभल कर चलता है दिल
क्यूँ खोये खोये चाँद की फिराक में तलाश में उदास है दिल
ज़िन्दगी सवालों के जवाब ढूँढने चली
जवाब में सवालों की एक लम्बी सी लड़ी मिली
सवाल ही सवाल हैं सूझती नहीं गली
की आज हाथ थाम लो एक हाथ की कमी खली
जी में आता है
मुर्दा सितारे नोच लूं
इधर भी नोंच लूं
उधर भी नोंच लूं
एक दो का ज़िकर क्या
मैं सारे नोंच लूं
इधर भी नोंच लूं
उधर भी नोंच लूं
सितारे नोंच लूं
मैं सारे नोंच लूं
क्यूँ तू आज इतना वैशी है मिजाज़ में मजाज़ में है गम ऐए दिल
क्यूँ अपने आप से खफा खफा ज़रा ज़रा सा नाराज़ है दिल
ये मंजिलें भी खुद ही तै करे
ये फासले भी खुद ही तै करे
क्यूँ रास्तों पे फिर सहम सहम संभल संभल के चलता है ये दिल
दिल को समझाना कह दो क्या आसान है
दिल तो फितरत से सुन लो ना बेईमान है
यह खुश नहीं है जो मिला
बस मांगता ही है चला
जानता है हर लगी का
दर्द ही है बस एक सिला
जब कभी यह दिल लगा
दर्द ही हमें मिला
दिल की हर लगी का सुनलो
दर्द ही है एक सिला
क्यूँ नए नए से दर्द की फ़िराक में तलाश में उदास है दिल
क्यूँ अपने आप से खफा खफा ज़रा ज़रा सा नाराज़ है दिल
ये मंजिलें भी खुद ही तै करे
ये फासले भी खुद ही तै करे
क्यूँ रास्तों पे फिर सहम सहम संभल संभल के चलता है ये दिल
क्यूँ खोये खोये चाँद की फिराक में तलाश में उदास है दिल
क्यूँ अपने आप से खफा खफा ज़रा ज़रा सा नाराज़ है दिल
ये मंजिलें भी खुद ही तै करे
ये फासले भी खुद ही तै करे
क्यूँ रास्तों पे फिर सहम सहम संभल संभल कर चलता है ये दिल





















































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