रविवार, 8 मई 2016

ग़ैरों पे करम अपनों पे सितम, LATA MANGESHKAR, Gairon pe karam apno ग़ैरों पे करम अपनों पे सितमpe sitam,film-Aankhen 1968.

ग़ैरों पे करम अपनों पे सितम
gairon pe karam apano pe sitam 
lata mangeshkar
film - aankhen 

SONG
ग़ैरों पे करम अपनों पे सितम, ऐ जान-ए-वफ़ा ये ज़ुल्म न कर
रहने दे अभी थोड़ा सा धरम, ऐ जान-ए-वफ़ा ये ज़ुल्म न कर
ग़ैरों के थिरकते शानों पर, ये हाथ गँवारा कैसे करें
ये ज़ुल्म न कर
ग़ैरों पे करम ...


ये बात गंवारा कैसे करें
हर बात गंवारा है लेकिन, ये बात गंवारा कैसे करें
मर जाएंगे हम, मिट जाएंगे हम
हम भी थे तेरे मंज़ूर-ए-नज़र, दिल चाहा तो अब इक़रार न कर
ऐ जान-ए-वफ़ा ये ज़ुल्म न कर, ये ज़ुल्म न करग़ैरों पे करम ...
सौ तीर चला सीने पे मगर, बेगानों से मिलकर वार न कर
हम चाहनेवाले हैं तेरे, यूँ हमको जलाना ठीक नहीं
बेगानों से मिलकर वार न करबेमौत कहीं मर जाएं न हम
ऐ जान-ए-वफ़ा ये ज़ुल्म न कर, ये ज़ुल्म न करग़ैरों पे करम ...
ग़ैरों पे करम ...मह्फ़िल में तमाशा बन जाएं, इस दर्जा सताना ठीक नहीं इस दर्जा सताना ठीक नहीं
ऐ जान-ए-वफ़ा ये ज़ुल्म न कर, ये ज़ुल्म न कर




 

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