1/6/16

आज सोचा तो आँसू भर आए// Hanste Zakhm (1973)-Aaj Socha To Aansu Bhar Aaye (Lata Mangeshkar)

आज सोचा तो आँसू भर आए, 
 Aaj Socha To Aansu Bhar Aaye,
लता मंगेशकर,
Hanste Zakhm,
1973,

song


मुद्दतें हों गई मुस्कुराये


हर कदम पर उधर मुड़कर देखा
उनकी महफिल से हम उठ तो आए
आज सोचा तो आंसू...


रह गई ज़िन्दगी दर्द बन के
दर्द दिल में छुपाये छुपाये
आज सोचा तो आंसू...


दिल की नाज़ुक रगें टूटती हैं
याद इतना भी कोई न आए
आज सोचा तो आंसू...

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