15/6/16

माँ मुझे अपने अंचल मे MAA MUJHE APNE AANCHAL MEIN-LATA -ANAND BAKSHI -LAXMIKANT PYARELAL (CHHO...

माँ मुझे अपने अंचल मे ,
MAA MUJHE APNE AANCHAL MEIN,
लता,
ANAND BAKSHI,
chota bhai 
1966

   bhajan 

माँ मुझे अपने आँचल में छिपा ले
गले से लगा ले
फिर न सताऊँगा कभी पास बुला ले
कि और मेरा कोई नहीं
गले से लगा ले
माँ मुझे अपने ...
कि और मेरा कोई नहीं


भूल मेरी छोटी सी भूल जाओ माता
रूठ गया हूँ मैं तू मुझको मना ले
ऐसे कोई अपनों से रूठ नहीं जाता
गले से लगा ले
कि और मेरा कोई नहीं
उँगली पकड़ के तेरी माँ मैं चला हूँ
माँ मुझे अपने ...


गोद में तेरी आज तक मैं पला हूँ
तेरे बिना मुझको अब कौन सम्भाले
माँ मुझे अपने ...
गले से लगा ले
कि और मेरा कोई नहीं


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