20/9/16

तुम सो जाओ मैं गाऊँ -महादेवी वर्मा

तुम सो जाओ मैं गाऊँ,
 -महादेवी वर्मा

मैं गाऊँ तुम सो जाओ
सुख सपनों में खो जाओ
माना आज की रात है लम्बी
माना दिन था भारी
एक दिन तक़दीर हमारी
पर जग बदला बदलेगी
कल तुम जब आँखें खोलोगे
उस दिन के ख्वाब सजाओ
< जब होगा उजियारा
आएगा सवेरा प्यारा
खुशियों का सन्देशा लेकर
मत आस के दीप बुझाओ,
मैं गाऊँ ...

गर्दिश में थके हाथों का
जी करता है जीते जी
मैं यूँ ही गाता जाऊं
माथा सहलाता जाऊं
सुख सपनों ...
फिर इक दिन तुम दोहराओ,


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