गुरुवार, 1 सितंबर 2016

दूल्हे का सेहरा Dulhe Ka Sehra (Dhadkan)

दूल्हे का सेहरा 
 Dulhe Ka Sehra
 Dhadkan

शेहनाइयो की सदा कह रही है
ख़ुशी की मुबारक घडी आ गयी है
सजी सुर्ख जोड़ी मे चांद सी दुल्हन
ज़मीन पे फलक से पारी आ गयी है

दुल्हे का सेहरा सुहाना लगता है..
दुल्हन का तो दिल दीवाना लगता है
दुल्हे का सेहरा सुहाना लगता है
दुल्हन का तो दिल दीवाना लगता है
पलभर मे कैसे बदलते है रिश्ते..
अब तो हर अपना बेगाना लगता है
दुल्हे का सेहरा सुहाना लगता है,
दुल्हन का तो दिल दीवाना लगता है..


सात फेरो से बंधा जन्मो का यह बंधन,
प्यार से जोड़ा है रब ने प्रीत का दामन..
है नयी रस्में, नयी कसमें, नयी उलझान
होंठ है खामोश, लेकिन कह रही धड़कन
धड़कन धड़कन, धड़कन धड़कन..
धड़कन मेरी धड़कन, धड़कन तेरी धड़कन..
धड़कन, धड़कन, धड़कन, धड़कन..
धड़कन, मेरी धड़कन, मेरी धड़कन
मुश्किल अश्को को छुपाना लगता है..
दुल्हन का तो दिल दीवाना लगता है
पलभर मे कैसे बदलते है रिश्ते
अब तो हर अपना बेगाना लगता है
दुल्हे का सेहरा सुहाना लगता है,
दुल्हन का तो दिल दीवाना लगता है..

मै तेरी बाहो के झूले मे पली बाबुल
जा रही हूं छोडके तेरी गली बाबुल
मै तेरी बाहो के झूले मे पली बाबुल...
जा रही हूं छोडके तेरी गली बाबुल
खूबसूरत यह ज़माने याद आयेगे
चाहके भी हम तुम्हे न भूल पायेगे
मुस्खिल
मुश्किल, मुश्किल दामन को चुराना लगता है
दुल्हन का तो दिल दीवाना लगता है
मुश्किल दामन को चुराना लगता है
दुल्हन का तो दिल दीवाना लगता है
पलभर मे कैसे बदलते है रिश्ते
अब तो हर अपना बेगाना लगता है
दुल्हे का सेहरा सुहाना लगता है,
दुल्हन का तो दिल दीवाना लगता है......
धड़कन धड़कन, धड़कन धड़कन..


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