गुरुवार, 20 जुलाई 2017

दो नैन मिले, दो फूल खिले-घूंघट (1960)

दो नैन मिले, दो फूल खिले
फ़िल्म/एल्बम: घूंघट (1960) 
संगीतकार: रवि 
गीतकार: शकील बदायुनी 
गायक/गायिका: आशा भोंसले, महेंद्र कपूर

दो नैन मिले, दो फूल खिले
दुनिया में बहार आई
एक रंग नया लायी, एक रंग नया लायी
दिल गाने लगा, लहराने लगा
ली प्यार ने अंगड़ाई
बजने लगी शहनाई, बजने लगी शहनाई
दो नैन मिले…

अरमान भरी नज़रों से बलम
इस तरह हमें देखा न करो
हो जाए ना रुसवा इश्क़ कहीं
दुनिया है बुरी, दुनिया से डरो
दुनिया का मुझे कुछ खौफ़ नहीं
दुनिया तो है हरजाई, और इश्क़ है सौदाई
दो नैन मिले…

ज़ुल्फों की घनी छांव में सनम
दम भर के लिए जीने दे मुझे
इस मस्त नज़र की तुझको कसम
आंखों से ज़रा पीने दे मुझे
पीना तो कोई दुश्वार नहीं
ओ प्यार के शहदायी, बहके तो है रुसवाई
दो नैन मिले…

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