30/7/19

न तो दर्द गया न दवा ही मिली

न तो दर्द गया न दवा ही मिली 



जा के हम अब तो हर एक सदा करते हैं 

जिनकी तक़दीर बिगड़ जाती है क्या करते हैं 
( न तो दर्द गया न दवा ही मिली मैंने ढूँढ के देखा ज़माना ) -२
 ( पहुँचे जहाँ भी हम तो लौट आये हार के ए दिल पुकार देखा एक ऐतबार पे ) -२
 सबसे कहा तेरा दर्द मगर न तो दर्द गया न दवा ही मिली मैंने ढूँढ के देखा ज़माना ( मंदिर मस्जिद में जा के की है फ़रियाद भी मिलता जवाब तो क्या आई ना आवाज़ भी ) -२
 माँगी दुआ मैंने लाख मगर 
न तो दर्द गया न दवा ही मिली मैंने ढूँढ के देखा ज़माना
 ( ऐसा ये ग़म ही नहीं कोई पहचान ले 
ऐसा वो कौन है जो दुख मेरा जान ले ) -२ 
छानी गली छाना सारा नगर 
न तो दर्द गया न दवा ही मिली मैंने ढूँढ के देखा ज़माना 
हाय न तो दर्द गया न दवा ही मिली मैंने ढूँढ के देखा ज़माना

किडनी फेल (गुर्दे खराब) की हर्बल औषधि

प्रोस्टेट ग्रंथि बढ्ने से मूत्र बाधा की हर्बल औषधि

सिर्फ आपरेशन नहीं ,पथरी की 100% सफल हर्बल औषधि

आर्थराइटिस(संधिवात)के घरेलू ,आयुर्वेदिक उपचार



कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें