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29/10/19

देखा एक ख्वाब- सिलसिला (1981)-,किशोर कुमार, लता मंगेशकर


देखा एक ख्वाब
Movie: सिलसिला (1981)
जावेद अख्तर
 किशोर कुमार, लता मंगेशकर


देखा एक ख्वाब तो ये सिलसिले हुए
दूर तक निगाहों में हैं गुल खिले हुए
ये गिला है आपकी निगाहों से
फूल भी हो दरमियान तो फासले हुए

मेरी साँसों में बसी खुशबू तेरी
ये तेरे प्यार की है जादूगरी
तेरी आवाज़ है हवाओं में
प्यार का रंग है फिजाओं
धडकनों में तेरे गीत हैं मिले हुए
क्या कहूँ की शर्म से हैं लब सिले हुए
देखा एक ख्वाब तो...

मेरा दिल है तेरी पनाहों में
आ छुपा लूँ तुझे मैं बाहों में
तेरी तस्वीर है निगाहों में
दूर तक रौशनी है राहों में
कल अगर ना रौशनी के काफिले हुए
प्यार के हज़ार दीप हैं जले हुए
देखा एक ख्वाब तो...

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14/10/19

हमें तुमसे प्‍यार कितना ये हम नहीं जानते // Kudrat - 1981

फिल्‍म का नाम - कुदरत (Kudrat - 1981)
गायक - किशोर कुमार (Kishore Kumar)


हमें तुमसे प्‍यार कितना ये हम नहीं जानते
मगर जी नहीं सकते तुम्‍हारे बिना
हमें तुमसे प्‍यार कितना ये हम नहीं जानते
मगर जी नहीं सकते तुम्‍हारे बिना
हमें तुमसे प्‍यार......



सुना गम जुदाई का उठाते हैं लोग
जाने जिंदगी कैसे बितातेे हैं लोग
दिन भी यहॉ तो लगे बरस के समान
हमें इन्‍तजार कितना ये हम नहीं जानते
मगर जी नहीं सकते तुम्‍हारे बिना
हमें तुमसे प्‍यार.......


तुम्हे कोई और देखे तो जलता है दिल
बड़ी मुश्किलोंं से फिर श्मलता है दिल
क्या क्या जतन करते है तुम्हे क्या पता
ये दिल बेक़रार कितना ये हम नहीं जानते
मगर जी नहीं सकते तुम्हारे बिना
हमें तुमसे प्‍यार कितना ये हम नहीं जानते
मगर जी नहीं सकते तुम्‍हारे बिना
हमें तुमसे प्‍यार .......


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13/10/19

कहाँ तक ये मन को अँधेरे छलेंगे-बातों बातों में (1979)


कहाँ तक ये मन को - Kahan Tak Ye Mann Ko (Kishore Kumar, Baaton Baaton Mein)

Movie/Album: बातों बातों में (1979)
Music By: राजेश रोशन
Lyrics By: योगेश
Performed By: किशोर कुमार


कहाँ तक ये मन को अँधेरे छलेंगे
उदासी भरे दिन, कभी तो ढलेंगे

कभी सुख, कभी दुःख, यही ज़िन्दगी है
ये पतझड़ का मौसम, घड़ी दो घड़ी है
नए फूल कल फिर डगर में खिलेंगे
उदासी भरे दिन...

भले तेज़ कितना हवा का हो झोंका
मगर अपने मन में तू रख ये भरोसा
जो बिछड़े सफ़र में तुझे फिर मिलेंगे
उदासी भरे दिन...

कहे कोई कुछ भी, मगर सच यही है
लहर प्यार की जो, कहीं उठ रही है
उसे एक दिन तो, किनारे मिलेंगे
उदासी भरे दिन...


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2/9/18

ज़िन्दगी प्यार का गीत है/सौतन (1983)

Movie सौतन (1983)
Music By: उषा खन्ना
Lyrics By: सावन कुमार
gayak: किशोर कुमार, लता मंगेशकर


ज़िन्दगी प्यार का गीत है
इसे हर दिल को गाना पड़ेगा
ज़िन्दगी ग़म का सागर भी है
हँस के उस पार जाना पड़ेगा

ज़िन्दगी एक अहसास है
टूटे दिल की कोई आस है
ज़िन्दगी एक बनवास है
काट कर सबको जाना पड़ेगा
ज़िन्दगी प्यार का गीत है...

ज़िन्दगी बेवफा है तो क्या
अपने रूठे हैं हम से तो क्या
हाथ में हाथ ना हो तो क्या
साथ फिर भी निभाना पड़ेगा
ज़िन्दगी प्यार का गीत है...

ज़िन्दगी एक मुस्कान है
दर्द की कोई पहचान है
ज़िन्दगी एक मेहमान है
छोड़ संसार जाना पड़ेगा
ज़िन्दगी प्यार का गीत है...


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6/8/18

ज़िन्दगी प्यार का गीत है

Movie/Album: सौतन (1983)
Music By: उषा खन्ना
Lyrics By: सावन कुमार
Performed By: किशोर कुमार, लता मंगेशकर


                     SONG

ज़िन्दगी प्यार का गीत है
इसे हर दिल को गाना पड़ेगा
ज़िन्दगी ग़म का सागर भी है
हँस के उस पार जाना पड़ेगा

ज़िन्दगी एक अहसास है
टूटे दिल की कोई आस है
ज़िन्दगी एक बनवास है
काट कर सबको जाना पड़ेगा
ज़िन्दगी प्यार का गीत है...

ज़िन्दगी बेवफा है तो क्या
अपने रूठे हैं हम से तो क्या
हाथ में हाथ ना हो तो क्या
साथ फिर भी निभाना पड़ेगा
ज़िन्दगी प्यार का गीत है...

ज़िन्दगी एक मुस्कान है
दर्द की कोई पहचान है
ज़िन्दगी एक मेहमान है
छोड़ संसार जाना पड़ेगा
ज़िन्दगी प्यार का गीत है...



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15/10/17

नज़रों से कह दो प्यार में मिलने का मौसम आ गया


फिल्म: दूसरा आदमी / Doosra Aadmi (1977)
गायक/गायिका: लता मंगेशकर, किशोर कुमार
संगीतकार: राजेश रोशन
गीतकार: मजरूह सुलतान पुरी

                   Song

नज़रों से कह दो प्यार में मिलने का मौसम आ गया
बाहों में बाहें डाल के खिलने का मौसम आ गया

इस प्यार से तेरा हाथ लगा लहरा गए गेसू मेरे
कुछ भी नज़र आता नहीं मस्ती में मुझे तेरे परे
कंधे पे मेरे ज़ुल्फ़ के ढलने का मौसम आ गया,
नज़रों से कह दो प्यार में मिलने का मौसम आ गया
बाहों में बाहें डाल के खिलने का मौसम आ गया

तुम मिल भी गए फिर भी दिल को क्या जाने कैसी आस है
तुम पास हो फिर भी होंठों में जाने कैसी प्यास है
होंठों की ठंडी आग में जलने का मौसम आ गया,
नज़रों से कह दो प्यार में मिलने का मौसम आ गया
बाहों में बाहें डाल के खिलने का मौसम आ गया

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22/7/17

हमें तुमसे प्यार कितना ये हम नहीं जानते

फ़िल्म- क़ुदरत ,
 गीत- मजरूह सुल्तानपुरी, 
संगीत- राहुलदेव वर्मन, 
गायक- किशोर कुमार 


             SONG

हमें तुमसे प्यार कितना ये हम नहीं जानते
मगर जी नहीं सकते तुम्हारे बिना
हमें तुमसे प्यार कितना ये हम नहीं जानते
मगर जी नहीं सकते तुम्हारे बिना
हमें तुमसे प्यार

सुना ग़म जुदाई का उठाते है लोग
जाने ज़िन्दगी कैसे बिताते है लोग
दिन भी यहाँ तो लगे बरस के समान
हमें इंतज़ार कितना ये हम नहीं जानते
मगर जी नहीं सकते तुम्हारे बिना
हमें तुमसे प्यार

तुम्हें कोई और देखें तो जलता है दिल
बड़ी मुश्किलों से फिर सँभलता है दिल
क्या क्या जतन करते है तुम्हें क्या पता
ये दिल बेक़रार कितना ये हम नहीं जानते
मगर जी नहीं सकते तुम्हारे बिना
हमें तुमसे प्यार कितना ये हम नहीं जानते
मगर जी नहीं सकते तुम्हारे बिना
हमें तुमसे प्यार





पित्त पथरी (gallstone)  की अचूक औषधि 

20/7/17

छोटी उमर में लम्बे सफ़र में,किशोर कुमार,आक्रमण (1975)


छोटी उमर में लम्बे सफ़र में,
फ़िल्म/एल्बम: आक्रमण (1975)
संगीतकार: ,
गीतकार: आनंद बक्षी
गायक/गायिका: किशोर कुमार


   
  SONG

छोटी उमर में
लम्बे सफ़र में
यूं हमसफ़र थे
जेड़ा मुंह मोड़े
बेईमान होवे

अब गुस्से से काम न लेना
बेदर्दी का नाम न लेना
पर को ये इल्ज़ाम न लेना
हाय ऐसे दुःख में बैठे किसी का
जेड़ा दिल तोड़े
जेड़ा दिल तोड़े बेईमान होवे
छोटी उमर में…

ये बदमस्त हसीन नज़ारे
करते हैं हम तुमको इशारे
कहते हैं ले के नाम हमारे
मंदिर से पहले, अपने साथी का
जेड़ा संग छोड़े
जेड़ा संग छोड़े, बेईमान होवे
छोटी उमर में…


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जाने कैसे, कब कहां, इकरार हो गया-शक्ति (1982)

फ़िल्म/एल्बम: शक्ति (1982)
संगीतकार: आर.डी.बर्मन
गीतकार: आनंद बक्षी
गायक/गायिका: लता मंगेशकर, किशोर कुमार



           SONG

जाने कैसे, कब कहां, इकरार हो गया
हम सोचते ही रह गये, और प्यार हो गया
गुलशन बनी, गलियां सभी
फूल बन गई, कलियां सभी
लगता है मेरा सेहरा तैयार हो गया
हम सोचते ही…
तुमने हमे बेबस किया
दिल ने हमे धोखा दिया
उफ़ तौबा जीना कितना दुश्वार हो गया
हम सोचते ही…
हम चुप रहे, कुछ ना कहा
कहने को क्या, बाकी रहा
बस आंखों ही आंखों में इज़हार हो गया
हम सोचते ही…


नसों में होने वाले दर्द से निजात पाने के तरीके

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नैनों में, निंदिया है माथे पे, बिंदिया है-जोरू का गुलाम (1972)


फ़िल्म/एल्बम: जोरू का गुलाम (1972) 
संगीतकार: कल्याणजी-आनंदजी 
गीतकार: आनंद बक्षी 
गायक/गायिका: लता मंगेशकर, किशोर कुमार


       SONG 
हां तो, नैनों में, निंदिया है
माथे पे, बिंदिया है
तो बालों में, गजरा है
आंखों में, कजरा है
ओह ओ
फिर कौन सी जगह है खाली, ओ मतवाली
मैं कहां रहूंगा, ओ बोलो कहां रहूंगा
ओ नैनों में निंदिया है…
तेरी गलियों का, मैं हूं एक बंजारा
तेरे बिन दुनिया में, मेरा कौन सहारा
मेरी कब मर्ज़ी है, हममें हो ये दूरी
मैं तो जां भी दे दूं, लेकिन है मजबूरी
पांव में, पायल है
हाथों में, आंचल है
ज़ुल्फों में, खुशबू है
पलकों में, जादू है
फिर कौन सी जगह है खाली…
सीखे कोई तुमसे, झूठी बात बनाना
देखो दिल न तोड़ो, करके साफ़ बहाना
ऐसे सपनों का, कोई महल बनाओ
मेरे बेघर प्रेमी, मैं तुमको कहां बसाऊं
सीने में, धड़कन है
बाहों में, कंगन है
कानों में, बाली है
होठों पे, लाली है
फिर कौन सी जगह है खाली
ओ मतवाली
मैं कहां रहूंगा
ओ बोलो-बोलो कहां रहूंगा
बस एक ही जगह है खाली
ये दिल वाली
तुम यहां रहोगे, अच्छा
तुम यहां रहोगे, अच्छा जी
तुम यहां रहोगे, ओके
तुम यहां रहोगे, 


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23/3/16

रात कली एक ख्वाब मे आई// Raat Kali Ek Khwab Mein - Navin Nischol - Buddha Mil Gaya - Kishore Kuma...

रात कली एक ख्वाब मे आई
Raat Kali Ek Khwab Mein
गायक : किशोर कुमार,
संगीतकार : राहुलदेव बर्मन,
 Lyricist : Majrooh Sultanpuri,
 Singer : Kishore Kumar,
Music Director : Rahuldev Burman,
 Movie : Buddha Mil Gaya
 1971

                    गाना
 रात कली एक ख्वाब में आई और गले का हार हुई
 सुबह को जब हम नींद से जागे, आँख तुम ही से चार हुई
 चाहे कहो इसे मेरी मोहब्बत, चाहे हँसी में उड़ा दो
 ये क्या हुआ मुझे मुझको खबर नहीं, हो सके तुम ही बता दो
 तुम ने कदम तो रखा जमीन पर, सीने में क्यों झंकार हुई
 आँखों में काजल और लटों में काली घटा का बसेरा
सावली सूरत मोहनी मूरत, सावन रुत का सवेरा

जब से ये मुखड़ा दिल में खिला है, दुनिया मेरी गुलज़ार हुई
 यूँ तो हसीनों के, माहजबीनों के होते हैं रोज नज़ारे
पर उन्हें देख के देखा है जब तुम्हें, तुम लगे और भी प्यारे
बाहों में ले लूँ ऐसी तमन्ना, एक नहीं कई बार हुई

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22/3/16

वो शाम कुछ अजीब थी// Woh Shaam Kuch Ajeeb Thi | Kishore Kumar | Khamoshi 1969 Songs | Waheeda...


गाना / Title: वो शाम कुछ अजीब थी - vo shaam kuchh ajiib thii
 चित्रपट / Film: Khamoshi
 संगीतकार / Music Director: हेमंत-(Hemant)
 गीतकार / Lyricist: गुलजार-(Gulzar)
 गायक / Singer(s): किशोर कुमार-(Kishore Kumar

                    गाना 
वोह शाम कुछ अजीब थी, यह शाम भी अजीब है,
वोह कल भी पास पास थी वोह आज भी करीब है..
वोह शाम कुछ अजीब थी

झुकी हुई निगाहो में, कही मेरा ख़याल था
दबी दबी हंसी मे इक, हसी सा गुलाल था
मै सोचता था, मेरा नाम गुनगुना रही है वोह..
न जाने क्यो लगा मुझे, के मुस्कुरा रही है वोह 
वोह शाम कुछ अजीब थी

मेरा ख़याल है अभी झुकी हुई निगाह मे
खुली हुई हसी भी है, दबी हुई सी चाह मे
मै जनता हू, मेरा नाम गुनगुना रही है वो
यही ख़याल है मुझे, के साथ आ रही है वो
वोह शाम कुछ अजीब थी, यह शाम भी अजीब है
वोह कल भी पास पास थी वोह आज भी करीब है
वोह शाम कुछ अजीब थी


चिकित्सा आलेख-





घूघरू की तरह बजता ही रहा हूँ मैं// Ghungroo Ki Tarah Bajta Hi Raha - Kishore Kumar, Chor Machaye Shor Song

घूघरू की तरह बजता ही रहा हूँ मैं
 Ghungroo Ki Tarah Bajta Hi Raha
गीतकार : रविन्द्र जैन,
 गायक : किशोर कुमार,
संगीतकार : रविन्द्र जैन,
Lyricist : Ravindra Jain,
Singer : Kishore Kumar,
Music Director : Ravindra Jain,
 Movie : Chor Machaye Shor
 1974
               गाना 
घुँघरू की तरह, बजता ही रहा हूँ मैं
कभी इस पग में, कभी उस पग में
बंधता ही रहा हूँ मैं

सौ बार मूझे फिर जोड़ा गया
कभी टूट गया, कभी तोड़ा गया
बनता ही रहा हूँ मैं
यूँ ही लूट लूट के और मिट मिट केमैं करता रहा औरो की कही
मेरी बात मेरे मन ही में रही
कभी मंदिर में, कभी महफ़िल में
सजता ही रहा हूँ मैं

घुन्गरू की जगह तो है पैरो में
अपनों में रहें या गैरों में
सहता ही रहा हूँ मैं
फिर कैसा गिला, जग से जो मिला


पुरुष ग्रंथि (प्रोस्टेट) बढ़ने से मूत्र - बाधा का अचूक इलाज

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तेरी दुनिया से हो के मजबूर चला //Teri Duniya Se Hoke Majboor Chala...

तेरी दुनिया से हो के मजबूर चला
Movie/: Pavitra Papi (1970)
Singers: Kishore Kumar
Song Lyricists: Prem Dhawan
Music Composer: Prem Dhawan
Music Director: Prem Dhawan
Director: Rajendra Bhatia
Starring: Balraj Sahni, Tanuja, Parikshat Sahni


Song

तेरी दुनिया से हो के मजबूर चला
मैं बहुत दूर, बहुत दूर, बहुत दूर चला
तेरी दुनिया से ...

इस क़दर दूर हूँ मैं लौट के भी आ न सकूँ
ऐसी मंज़िल कि जहाँ खुद को भी मैं पा न सकूँ

और मजबूरी है क्या, इतना भी बतला न सकूँ
तेरी दुनिया से ...
तुझसे वादा है किया, इस लिये मैं जी लूँगा
आँख भर आयी अगर, अश्क़ों को मैं पी लूँगा
आह निकली जो कभी, होंठों को मैं सी लूँगा
कुच नहीं पास मेरे, बस हैं खताएं मेरी
तेरी दुनिया से ...

खुश रहे तू है जहां ले जा दुआएं मेरी
तेरी राहों से जुदा हो गयी राहें मेरी
तेरी दुनिया से ...

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एक चतुर नार करके सिंगार //Ek Chatur Naar - Padosan - Saira Banu, Sunil Dutt & Kishore Kumar - Clas...

एक चतुर नार करके सिंगार ek chatur naar kar ke singaar
 Movie: Padosan
Singer(s): Kishore Kumar,
 Mehmood, Manna De
Music Director: R D Burman
Lyricist: Rajinder Krishan
Actors/Actresses: Saira Bano, Kishore Kumar, Sunil Dutt, Mehmood
        गाना
एक चतुर नार कर के सिंगार 
मेरे मन के द्वार ये घुसत जात 
हम मरत जात, अरे हे हे हे 
यक चतुर नार कर के सिंगार... 

प रे स, स स स नि ध स
स रे स ध ध प 
प ध स रे स
स रे ग ध प 

यक चतुर नर कर के सिंगा... र

कि: धम 
मह: अय्यो ! 
कि: अरे धम, ओ धम, ओ धम धम धम रुक 
 ब्रु  २
ओ अ आ इ ई उ ऊ ए ऐ ओ औ अं अ: 
उम नाम नाम नाम नाम नाम नाम 
नाम नाम लम लम लम लम ल 
उम बल बल बल बल रे, 
बल बल बल बल रे, बल बल बल बल रे 
ओम 

एक चतुर नार बड़ी होशियार  
अपने ही जाल में फसत जात 
हम हसत जात अरे हो हो हो हो हो ! 
एक चतुर नार बड़ी होशियर 

सु: तू क्यों... 
मह: छी रे 

करे लाख लाख दुनिया चतुराई 
छुट्टी कर दूंगा मैं उसकी 
अबके जो आवाज़ लगाई 
छुट्टी कर दूंगा, आ आ आ...
ता जुम, तक जुम, तक नुम, यक जुम 
तक तन्किदिअ...

कि: पढ़ के बोतन चीर बि चक्कर
हर बुद खुदि बुदि खुद कर 
छिटके तो रेरे मोन माखन 
सब चले गये, सब चले गये चिदमुध चितिन्ग चितुबुद 
चितुबुद गाय, चितुबुद गाय, चितुबुद हाय हाय हाय 

जा रे, जा रे कारे कागा 
का का का क्यों शोर मचाये 
उस नारी का दास ना बन जो 
राह चलत को राह बुलाए 

काला रे जा रे जा रे 
अरे नाले में जाके तू मुँह धोके आ 
ख़ाला रे ग रे ग रे 

मह: ये गड़बड़ जी
कि: ओ गा रे गा रे 
मह: ये सुर बदला 
कि: ओ गा रे गा रे 
मह: ये हमको मटका बोला 
कि : ओ गा रे गा रे 
मह: ये सुर किधर है जी, ये सुर. ये.. एन्नाया इधु 
येक चतुर नार
अम छोड़ेगा नहीं जी 
येक चतुर नार
अम पकड़के रखेगा जी 

ये घुसत जात 
हम मरत जात अरे आ आ आ 

तू क्या जाने क्या है नारी 
जिस तन लागे मोरे नैना 
उसपे सारी दुनिया वारी 

मह: नाच ना जाने, आंगन तेढ़ा 
टेएएढ़ा, टेढ़ा टेढ़ा टेढ़ा टेढ़ा 
नाच ना जाने, आंगन टेढ़ा
टेढ़ा टेढ़ा टेढ़ा टेढ़ा 
उस संग लागे मोरे नैना 
अबके जो आवाज़ लगाई

कि: ओ टेढ़े! 
मह: ओय 
कि: ओ केड़े! 
मह: ओ या 
कि: अरे सीधे हो जा रे 
सीधे हो जा रे 
सीधे हो जा 
वाह री चंदनिया, वाह रे चकोरे 
राम बनाई ये कैसी जोड़ी 
करे नचाया ता ता थैय्या 
ताल पे नाचे लंगड़ी घोड़ी 
अरे देखी 
अरे देखी तेरी चतुराई 
मह: ये फिर गड़बड़
कि: अरे देखी तेरी चतुराई
मह: फिर भटकाया 
कि: तुझे सुरों की समझ नहीं आई
तूने कोरी घास ही खाई 
अरे घोड़े! 
मह: ये घोड़ा बोला 
कि: ओ निगोड़े! 
मह: ये गाली दिया 
कि: अरे देखी तेरी चतुराई
मह: येक चतुर नार
कि: घोड़े देखी तेरी चतुराई
मह: येक चतुर नार
कि: घोड़े देखी तेरी चतुराई
मह: येक चतुर नार
कि: एक चतुर नार
कि: एक चतुर नार
मह: अय्यो घोड़े तेरी
कि: अरे घोड़े तेरी
मह: क्या रे ये घोड़ा चतुर, घोड़ा चतुर बोला, 
येक पे रहना या घोड़ा बोलो या चतुर बोलो..गाओ 
कि: एक चतुर नार बड़ी होशियार 
अपने ही जाल में फसत जात 
एक चतुर नार 
बड़ी होशियारी 
ये घुसत जात 
मह: हम मरत जात, मरत जात 
ये अटक गया 

कि: स रे ग म प, हे आ आ..., हे ..





कोई हम दम ना रहा// Koi humdum na raha (Kishore Kumar)

कोई हम दम ना रहा Movie/Album: झुमरू (1961)
Music By: किशोर कुमार
 Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: किशोर कुमार 

                   गाना
कोई हमदम न रहा, कोई सहारा न रहा हम किसी के न रहे, कोई हमारा न रहा
 शाम तन्हाई की है, आएगी मंज़िल कैसे जो मुझे राह दिखाए, वही तारा न रहा
कोई हमदम न रहा...

ऐ नज़ारों न हँसो, मिल न सकूँगा तुमसे वो मेरे हो न सके
, मैं भी तुम्हारा न रहा कोई हमदम न रहा...
 क्या बताऊँ मैं कहाँ, यूँ ही चला जाता हूँ 

जो मुझे फिर से बुला ले, 
वो इशारा न रहा कोई हमदम न रहा...

पुरुष ग्रंथि (प्रोस्टेट) बढ़ने से मूत्र - बाधा का अचूक इलाज

*किडनी फेल(गुर्दे खराब ) रोग की जानकारी और उपचार*

लीवर के रोगों के उपचार

धतूरा के औषधीय उपयोग

खून की कमी (रक्ताल्पता) की घरेलू चिकित्सा


दिलवर मेरे कब तक मुझे //Satte Pe Satta - Dilbar Mere Kab Tak Mujhe - Kishore Kumar

दिलवर मेरे कब तक मुझे 
Dilbar Mere Kab Tak Mujhe
गीतकार : गुलशन बावरा,
 गायक : किशोर कुमार,
 संगीतकार : राहुलदेव बर्मन
Lyricist : Gulshan Bawara,
 Singer : Kishore Kumar,
Music Director : Rahuldev Burman,
 Movie : Satte Pe Satta 
1982

                        SONG 


dilbar mere kab tak mujhe aise hi tadapaoge mai aag dil me laga dunga vo, ke pal me pighal jaoge dilbar mere kab tak mujhe aise hi tadapaoge ek din aayega, pyar ho jayega mai aag dil me laga dunga vo, ke pal me pighal jaoge ghir jaoge aur bhi meri parchhaiyo me mai aag dil me laga dunga vo, ke pal me pighal jaoge sochoge jab mere bare me tanhaiyo me ho, dil machal jayega, pyar ho jayega sochoge jab mere bare me tanahaiyo me ghir jaoge aur bhi meri parchhaiyo me दो लफ़्ज़ों की है, दिल की कहानी या है मोहब्बत, या है जवानी दिल की बातों का, मतलब न पूछो कुछ और हमसे, बस अब न पूछो जिसके लिये है, दुनिया दीवानी या है मोहब्बत... ये कश्ती वाला, क्या गा रहा था कोई इसे भी, याद आ रहा था इससे पुरानी, यादें पुरानी या है मोहब्बत... इस ज़िंदगी के, दिन कितने कम है कितनी है ख़ुशियाँ, और कितने ग़म हैं लग जा गले से, रुत है सुहानी या है मोहब्बत... dilbar mere kab tak mujhe aise hi tadapaoge tum meri baho me aake bahakane lagoge mai aag dil me laga dunga vo, ke pal me pighal jaoge dil se milega jo dil to mahakane lagoge dil se milega jo dil to mahakane lagoge tum meri baho me aake bahakane lagoge mai aag dil me laga dunga vo, ke pal me pighal jaoge ye hosh kho jayega, pyar ho jayega dilbar mere kab tak mujhe aise hi tadapaoge mai aag dil me laga dunga vo, ke pal me pighal jaoge ek din aayega, pyar ho jayega dilbar mere kab tak mujhe aise hi tadapaoge mai aag dil me laga dunga vo, ke pal me pighal jaoge
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12/10/15

रिम झिम गिरे सावन



Movie/Album : मंजिल 
1979
: आर.डी.बर्मन
 योगेश
 लता मंगेशकर, किशोर कुमार


      SONG

रिमझिम गिरे सावन
सुलग-सुलग जाए मन
भीगे आज इस मौसम में
लगी कैसी ये अगन

पहले भी यूँ तो बरसे थे बादल
पहले भी यूँ तो भीगा था आंचल
अब के बरस क्यूँ सजन, सुलग-सुलग जाए मन
भीगे आज...

इस बार सावन दहका हुआ है
इस बार मौसम बहका हुआ है
जाने पी के चली क्या पवन, सुलग-सुलग जाए मन
भीगे आज...

जब घुंघरुओं सी बजती हैं बूंदे
अरमाँ हमारे पलके न मूंदे
कैसे देखे सपने नयन, सुलग-सुलग जाए मन
भीगे आज...

महफ़िल में कैसे कह दें किसी से
दिल बंध रहा है किस अजनबी से
हाय करें अब क्या जतन, सुलग-सुलग जाए मन
भीगे आज...


8/9/15

छोड़ दो आँचल //Chhod Do Aanchal

छोड़ दो आँचल
  Chhod Do Aanchal
गीतकार : मजरुह सुलतानपुरी,
 गायक : आशा भोसले - किशोर कुमार,
संगीतकार : सचिनदेव बर्मन,
Lyricist : Majrooh Sultanpuri,
Singer : Asha Bhosle - Kishore Kumar,
Music : Sachindev Burman,
Movie : Paying Guest
1957

               SONG
छोड़ दो आँचल ज़माना क्या कहेगा
इन अदाओं का ज़माना भी है दीवाना दीवाना क्या कहेगा
छोड़ दो आँचल...


मैं चली अब खूब छेड़ो प्यार के अफ़साने
कुछ मौसम है दीवाना कुछ तुम भी हो दीवाने
ज़रा सुनना, जान-ए-तमन्ना
इतना तो सोचिये मौसम सुहाना क्या कहेगा
छोड़ दो आँचल...


यूँ न देखो जाग जाए प्यार की अंगड़ाई
ये रस्ता ये तनहाई, लो दिल ने ठोकर खाई
यही दिन हैं मस्ती के सिन हैं
किसको ये होश है अपना बेगाना क्या कहेगा
छोड़ दो आँचल...


ये बहारें, ये फुहारें, ये बरसता सावन
थर थर काँपे हैं तन मन
मेरी बैय्याँ धर लो साजन
अजी आना, दिल में समाना
एक दिल एक जान हैं हम तुम, ज़माना क्या कहेगा
छोड़ दो आँचल...


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