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22/3/16

घूघरू की तरह बजता ही रहा हूँ मैं// Ghungroo Ki Tarah Bajta Hi Raha - Kishore Kumar, Chor Machaye Shor Song

घूघरू की तरह बजता ही रहा हूँ मैं
 Ghungroo Ki Tarah Bajta Hi Raha
गीतकार : रविन्द्र जैन,
 गायक : किशोर कुमार,
संगीतकार : रविन्द्र जैन,


घुँघरू की तरह, बजता ही रहा हूँ मैं
कभी इस पग में, कभी उस पग में
बंधता ही रहा हूँ मैं

सौ बार मूझे फिर जोड़ा गया
कभी टूट गया, कभी तोड़ा गया
बनता ही रहा हूँ मैं
यूँ ही लूट लूट के और मिट मिट केमैं करता रहा औरो की कही
मेरी बात मेरे मन ही में रही
कभी मंदिर में, कभी महफ़िल में
सजता ही रहा हूँ मैं

घुन्गरू की जगह तो है पैरो में
अपनों में रहें या गैरों में
सहता ही रहा हूँ मैं
फिर कैसा गिला, जग से जो मिला


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