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18/10/19

तू सच्चा बेहूदा -वरुण ग्रोवर -रमन राघव


तू सच्चा बेहूदा
वरुण ग्रोवर
रमन राघव 2.0


एक धक्का और दे, सारे धागे तोड़ दे
पीने के पानी में, ज़हर की नाली जोड़ दे
इतना भी जो कर ना सके तो, फिर काहे का गूदा
तेरी खाल में रेंगें कीड़े, तू सच्चा बेहूदा
तू सच्चा बेहूदा
जिसकी किस्मत में हैं हारी शर्तें
तू पक्का बेहूदा,
जिसकी नीयत लगी फफूंद की परतें
तू ऐसा बेहूदा
तेरा खून है सौ में नब्बे काला
तू ऐसा बेहूदा,
तूने नाखूनों से फोड़ा छाला
बेहूदा.

तू सच्चा बेहूदा. बेहूदा.

एक धक्का और दे, सारे धागे तोड़ दे
पीने के पानी में, ज़हर की नाली जोड़ दे
अपने ही अक़्स की, आ गर्दन तू घोंट दे
जा दिन के चेहरे पे, काली रातें पोत दे

दूर दूर तक कोई ना रिश्ता, तू है इतना सूखा
तेरी खाल में रेंगे कीड़े, तू सच्चा बेहूदा