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18/3/19

दामोदर महिला संगीत मे ऋचा कुमारी राठौर

अपूर्वा- विनीत गोयल के विवाहोत्सव पर आलोक सदन शामगढ़ पर आयोजित  दामोदर महिला संगीत मे ऋचा कुमारी राठौर की अनुपम प्रस्तुति .

16/3/19

तेरे कारण, तेरे कारण,छाया पँवार की प्रस्तुति

तेरे कारण, तेरे कारण तेरे कारण मेरे साजन जाग के फिर सो गयी सपनों में खो गयी आग लगे सारी दुनिया को मैं तेरी हो गयी रे बालम तेरे कारण, तेरे कारण   ...
 आजा ... प्रीतम कितना ही बुलाये न जानू लाज ने रोका पर आधी रात में उठके उठके मिलते ही मौका ये गयी वो गयी सपनों में खो गयी आग लगे सारी दुनिया को   ...
 निकली ये सोच के घर से सैंय्या से मिल आऊँगी पल दो पल ठहर के जळी मैं वापस आ जाऊँगी पिया मिलन को गयी तो सपनों में खो गयी आग लगे सारी दुनिया को ...

रंग लाया चोरी चोरी ये मिलना तेरा मेरा रातों का पता चला न बातों में हुआ सवेरा हाय! नींद मेरी तो गयी सपनों में खो गयी आग लगे सारी दुनिया को 

नैनों वाले ने// सोमा परमार की प्रस्तुति

नैनों वाले ने.. ओ.. नैनोंवाले ने छेड़ा मन का प्याला छल्काई मधुशाला मेरा चैन रेन नैन अपने साथ ले गया नैनोंवाले ने अहहा.. नैनोंवाले ने नैनोंवाले ने छेड़ा मन का प्याला छल्काई मधुशाला मेरा चैन रैन नैन अपने साथ ले गया पग पग डोलूं रे.. हो.. पग पग डोलूं रे डगमग सी मैं चलती हूँ जगमग लौ सी जलती तेरे नैनों की कैसी मदीरा थर्र थर्र कांपू रे तेरे पीर से छिपती चन्दन पे नाग सी लपटी मैं बेहोश तू नशा ऐसी मोह की दशा मेरे चैन रेन नैन अपने साथ ले गया नैनोंवाले ने अहहा.. नैनोंवाले ने नैनोंवाले ने छेड़ा मन का प्याला छल्काई मधुशाला मेरा चैन रैन नैन अपने साथ ले गया आ.. आ..

तेरे बिन नइ लगदा दिल मेरा ढोलना-नेहा दीपेश गोहील भावनगर की दामोदर महिला संगीत मे प्रस्तुति

ओ रे पिया मैं तां तेरे लई
सौ रातां जगूँ
जित्थे जावें तू ओत्थे जावे दिल
दस की मैं करूँ
जो तू रुस जानियें, दिल ये टुट जानियें
तेरे संग-संग राहां सारी कट जानियें
जो तू रुस जानियें, दिल ये टुट जानियें
तेरे संग-संग राहां सारी कट जानियें
मै तां तेरे नाल रहना
मान इन्ना मेरा कहना
मेरी अखियों से होना कदी दूर ना
तेरे बिन, तेरे बिन
तेरे बिन नइ लगदा दिल मेरा ढोलना
तेरे बिन नइ लगदा दिल मेरा ढोलना
सब छड जाएं तू ना मेनू छोड़ना
तेरे बिन नइ लगदा दिल मेरा ढोलना
नइ लगदा, नइ लगदा, नइ लगदा
हो... नइ लगदा, नइ लगदा, नइ लगदा
तेरे संग-संग रह के
मैं रंग जाऊं तेरे रंग
तेरी नींद से ख्वाब मैं अपना जोड़ लूं
तू साथ ना हो तो
चार कदम ना चल पाऊं
तेरी राह पे राह मैं अपनी मोड़ दूं
हो... जग भूल जाए मुझे
तुम नहीं भूलना
तेरे संग जीना मेरा
तेरे संग ढलना
सच्ची चाहतों


हमरी अटरिया पे -सुनीता पँवार दामोदर महिला संगीत मे

सज के सजाएं बैठी
सांस में बुलाये बैठी
कहाँ गुम हुआ अंजाना
अरे अरे दिए रे जलाए रे जलाये
ना अटरिया पे आया परवाना

कौन सा तन हाय, बारमाये रे
हमरी अटरिया पे, आजा रे सांवरिया
देखा देखी तनिक हुई जाए

किवड़िया से लग के
पिया करे झाँका झाँकी
बहुत कौड़ी फेंके पिया उड़ावे जहां की
कसम देवे जान की
आजा गिलौरी, खिलाय दूं किमामी
लाली पे लाली तनिक हुई जाए

पड़ोसन के घरवा जैहो
जैहो ना सबरिया
सौतन से बोली मोरी काटे जेहेरिया
जेहेरी नज़रिया
आजा अटरिया पे पिलाय दूं अंगूरी
जोर जोरी तनिक हुई जाए

साजने लगाए बैठी
चुटिया घुमाये बैठी
कहाँ गुम हुआ अंजना