न मिलता गम तो बरबादी के अफसाने कहाँ जाते लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
न मिलता गम तो बरबादी के अफसाने कहाँ जाते लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

17/7/18

न मिलता गम तो बरबादी के अफसाने कहाँ जाते /फिल्म-अमर 1954

फिल्म-अमर 1954
लता मंगेशकर 


हो, तमन्ना लुट गई फिर भी तेरे दम से मोहब्बत है 
मुबारक ग़ैर को ख़ुशियाँ मुझे, ग़म से मोहब्बत है
 न मिलता ग़म तो बरबादी के अफ़साने कहाँ जाते 
अगर दुनिया चमन होती, तो वीराने कहाँ जाते 
चलो अच्छा हुआ अपनों में कोई ग़ैर तो निकला 
जी, कोई ग़ैर तो निकला 
अगर होते सभी अपने, तो बेगाने कहाँ जाते
 दुआएं दो मोहब्बत हमने मिटकर तुमको सिखलादी 
मोहब्बत तुमको सिखलादी 
न जलते शमा में तो पर्वाने कहाँ जाते
 तुम्हीं ने ग़म की दौलत दी बड़ा अहसान फ़र्माया,
 बड़ा अहसान फ़र्माया
 ज़माने भर के आगे हाथ फैलाने कहाँ जाते




पित्त पथरी (gallstone)  की अचूक औषधि