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7/5/16

आए हैं दूर से

आए हैं दूर से ,
 Aaye Hai Door Se,
फिल्म -तुम सा नहीं देखा ,
रफी,आशा भोसले 
1957

        SONG
आशा- आए हैं दूर से, मिलने हज़ूर से ऐसे भी चुप न रहिये, कहिये जी कुछ तो कहिये दिन है के रात है रफ़ी- हाय-- लाखों ही ज़ुल्फ़ों वाले, आती हैं घेरा डाले तुमसे मेहमान क्या, मुझपे अहसान क्या मेरी क्या बात है शरमाना छोड़िये, ये क्या अदा है आशा- आये हैं दूर से-- उठ के तो देखिये, कैसी फ़िज़ा है आशा- आये हैं दूर से-- रफ़ी- तौबा ये क्या फ़रमाया मैं तो यूँ ही शरमाया रफ़ी- ओ ओ ओ-- मेरी क्या बात है तुमसे मेहमान का-- दिखती है रोज़ ही, ऐसी फ़िज़ाएं मुखड़े के सामने, काली घटाएं आशा- कोई चल जाए जादू, फिर हम पूछेंगे बाबू दिन है के रात है-- रफ़ी- ओ ओ ओ-- आशा- आ आ आ-- तुमसे मेहमान का-- आये हैं दूर से--