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14/10/19

ये वादियाँ ये फ़िज़ाएँ बुला रही हैं तुम्हे -मोहम्मद रफ़ी

ये वादियाँ ये फ़िज़ाएँ बुला रही हैं तुम्हे 
 Film: Aaj Aur Kal
संगीतकार- रवी
गीतकार - साहिर लुधियानवी
मोहम्मद रफ़ी


ये वादियाँ ये फ़िज़ाएं बुला रही हैं तुम्हे - २ खामोशियों की सदाएं बुला रही हैं तुम्हे ये वादियाँ ये फ़िज़ाएँ बुला रही हैं तुम्हे तुमहारी ज़ुल्फों से खुशबू की भीख लेने को झुकी झुकी सी घटाएं बुला रही हैं तुम्हे खामोशियों की सदाएँ ... हसीं चम्पाई पैरों को जबसे देखा है नदी की मस्त अदाएं बुला रही हैं तुम्हे खामोशियों की सदाएँ ... मेरा कहा ना सुनो दिल की बात तो सुनलो हर एक दिल की दुआएँ बुला रही हैं तुम्हे खामोशियों की सदाएं बुला रही हैं तुम्हे ये वादियाँ ये फ़िज़ाएँ बुला रही हैं तुम्हे .


आ आ कैसे समझाऊँ बड़ी नासमझ हो -आशा भोसले, मोहम्मद रफ़ी

 आ आ कैसे समझाऊँ बड़ी नासमझ हो 
 सुरज-(Suraj)
 शंकर - जयकिशन
हसरत जयपुरी-
 आशा भोसले,  मोहम्मद रफ़ी

र : आ आ कैसे समझाऊँ बड़ी नासमझ हो -२ हमसे न जीतोगी तुम रहने दो ये बाज़ी कैसे समझाऊँ ... आ : आ आ कैसे समझाऊँ बड़े नासमझ हो -२ आए-गए तुम जैसे सैकड़ों अनाड़ी कैसे समझाऊँ ... र : हम दिल का साज़ बजाते हैं दुनिया के होश उड़ाते हैं हम सात सुरों के सागर हैं हर महफ़िल में लहराते हैं -२ कैसे समझाऊँ ... आ : तुम साज़ बजाना क्या जानो तुम रंग जमाना क्या जानो -२ महफ़िल तो हमारे दम से है तुम होश उड़ाना क्या जानो -२ कैसे समझाऊँ ... मैं नाचूँ चाँद-सितारों पर शोलों पर शरारों पर र : हम ऐसी कला के दीवाने छा जाएँ नशीली बहारों पर कैसे समझाऊँ ...

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30/7/19

होके मजबूर मुझे उसने भुलाया होगा ,भूपेंद्र, मोहम्मद रफ़ी, तलत महमूद, मन्ना डे

 होके मजबूर मुझे उसने भुलाया होगा 


Film: हकिकत-(Haqeeqat)

भूपेंद्र,  मोहम्मद रफ़ी,  तलत महमूद,  मन्ना डे


होके मजबूर मुझे उसने भुलाया होगा ज़हर चुपके से दवा जानके खाया होगा होके मजबूर... भूपिंदर: दिल ने ऐसे भी कुछ अफ़साने सुनाए होंगे अश्क़ आँखों ने पिये और न बहाए होंगे बन्द कमरे में जो खत मेरे जलाए होंगे एक इक हर्फ़ जबीं पर उभर आया होगा रफ़ी: उसने घबराके नज़र लाख बचाई होगी दिल की लुटती हुई दुनिया नज़र आई होगी मेज़ से जब मेरी तस्वीर हटाई होगी हर तरफ़ मुझको तड़पता हुआ पाया होगा होके मजबूर... तलत: छेड़ की बात पे अरमाँ मचल आए होंगे ग़म दिखावे की हँसी ने न छुपाए होंगे नाम पर मेरे जब आँसू निकल आए होंगे - (२) सर न काँधे से सहेली के उठाया होगा मन्ना डे: ज़ुल्फ़ ज़िद करके किसी ने जो बनाई होगी और भी ग़म की घटा मुखड़े पे छाई होगी बिजली नज़रों ने कई दिन न गिराई होगी रँग चहरे पे कई रोज़ न आया होगा होके मजबूर...



30/8/18

मुझे प्यार की ज़िंदगी देने वाले/Pyaar Ka Saagar

 Film: Pyaar Ka Saagar
 Music Director: Ravi
 Lyricist: Prem Dhawan
 Singer(s):(Mohammad Rafi), -Asha Bhosale)
                         SONG
रफ़ी: मुझे प्यार की ज़िंदगी देने वाले कभी ग़म न देना, खुशी देने वाले मुझे प्यार की ज़िंदगी देने वाले (मुहब्बत के वादे, भुला तो न दोगे कहीं मुझसे दामन, छुड़ा तो न दोगे ) - २ 
मेरे दिल की दुनिया, है तेरे हवाले मुझे प्यार की ... 
आशा: ज़माने में तुमसे, नहीं कोई प्यारा ये जाँ भी तुम्हारी, ये दिल भी तुम्हारा जो न हो यकीं तो, कभी आज़मा ले मुझे प्यार की ... 
रफ़ी: भरोसा है हमको, मुहब्बत पे तेरी आशा: तो फिर हँस के देखो, निगाहों में मेरी
रफ़ी: ये डर है ज़माना, जुदा कर न डाले 

दोनो: मुझे प्यार की ...
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22/7/17

सौ साल पहले, मुझे तुमसे प्यार था /जब प्यार किसी से होता है,

film-जब प्यार किसी से होता है, 
संगीत- शंकर, जयकिशन, 
गायक- मोहम्मद रफ़ी, लता मंगेशकर 


            Song 


सौ साल पहले, मुझे तुमसे प्यार था
मुझे तुमसे प्यार था
आज भी है और कल भी रहेगा
सदियों से तुझ से मिलने जिया बेक़रार था
जिया बेक़रार था
आज भी है और कल भी रहेगा
सौ साल पहले मुझे तुमसे प्यार था
मुझे तुमसे प्यार था
आज भी है और कल भी रहेगा

तुम रूठा ना करो,मेरी जान मेरी जान निकल जाती है
तुम हँसती रहती हो, तो इक बिजली सी चमक जाती है

तुम रूठा ना करो,मेरी जान मेरी जान निकल जाती है
तुम हँसती रहती हो, तो इक बिजली सी चमक जाती है
मुझे जीते जी ओ दिलबर तेरा इंतज़ार था
तेरा इंतज़ार था
आज भी है और कल भी रहेगा
सदियों से तुझ से मिलने जिया बेक़रार था
जिया बेक़रार था
आज भी है और कल भी रहेगा

इस दिल के तारों में मधुर झनकार तुम ही से है
और ये हसीन जलवा ये मस्त बहार तुम ही से है

इस दिल के तारों में मधुर झनकार तुम ही से है
और ये हसीन जलवा ये मस्त बहार तुम ही से है
दिल तो ये मेरा सनम तेरा तलबगार था
तेरा तलबगार था
आज भी है और कल भी रहेगा
सौ साल पहले, मुझे तुमसे प्यार था
मुझे तुमसे प्यार था
आज भी है और कल भी रहेगा

इन प्यार की राहों में कहो तो अब ख़ुद को मिटा दूँ मै
और चाँदी से क़दमों में धड़कते दिल को बिठा दूँ मै

इन प्यार की राहों में कहो तो अब ख़ुद को मिटा दूँ मै
और चाँदी से क़दमों में धड़कते दिल को बिठा दूँ मै
मुझे मेरे जीवन भर सदा इख़्तियार था
सदा इख़्तियार था
आज भी है और कल भी रहेगा


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