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13/10/19

तुमसे दूर रह के-मो.रफ़ी, लता मंगेशकर


तुमसे दूर रह के - Tumse Door Reh Ke (Md.Rafi, Lata Mangeshkar, Adalat)

Movie/Album: अदालत (1976)
Music By:कल्याणजी-आनंदजी
Lyrics By: गुलशन बावरा
Performed By: मो.रफ़ी, लता मंगेशकर


तुमसे दूर रह के
हमने जाना प्यार क्या है
दिल ने माना यार क्या है

तुमको पाके ना पहलू में लगता था यूँ
जीते हैं किसलिए और ज़िंदा है क्यों
हम भी रहते थे बेचैन से हर घड़ी
बिन तुम्हारे तो वीरान थी ज़िन्दगी
तुमसे दूर रह के...

दूरियाँ किसलिये, मिल गये हैं जो हम
अब तो होने दो अरमान पूरे सनम
वक़्त आने पे मिट जायेंगी दूरियाँ
जब न होंगी ज़माने की मजबूरियाँ
तुमसे दूर रह के...



किडनी फेल (गुर्दे खराब) की हर्बल औषधि

प्रोस्टेट ग्रंथि बढ्ने से मूत्र बाधा की हर्बल औषधि

सिर्फ आपरेशन नहीं ,पथरी की 100% सफल हर्बल औषधि

आर्थराइटिस(संधिवात)के घरेलू ,आयुर्वेदिक उपचार



बार बार दिन ये आये, बार बार दिल ये गाये-मो.रफ़ी


बार बार दिन ये आये - Baar Baar Din Ye Aaye (Md.Rafi, Farz)

Movie/Album: फ़र्ज़ (1967)Music By: लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: मो.रफ़ी


बार बार दिन ये आये, बार बार दिल ये गाये
तू जिए हज़ारों साल, ये मेरी है आरज़ू
Happy Birthday to you
Happy Birthday to you
Happy Birthday to Sunita
Happy Birthday to you

बेक़रार हो के दामन, थाम लूँ मैं किसका
क्या मिसाल दूँ मैं तेरी, नाम लूँ मैं किसका
नहीं, नहीं, ऐसा हसीं, कोई नहीं है
जिसपे ये नज़र रुक जाये, बेमिसाल जो कहलाये
तू जिये हज़ारों साल...

औरों की तरह कुछ मैं भी, तोहफ़ा आज लाता
मैं तेरी हसीं महफ़िल में, फूल ले के आता
जी ने कहा, उसे क्या है, फूलों की ज़रूरत
जो बहार खुद कहलाये, हर कली का दिल धड़काये
तू जिये हज़ारों साल...

फूलों ने चमन से तुझको, है सलाम भेजा
तारों ने गगन से तुझको, ये पयाम भेजा
दुआ है ये, खुदा करे, ऐ शोख तुझको
चाँद की उमर लग जाए, आये तो क़यामत आये
तू जिए हज़ारों साल...



5/9/18

तुम मुझे यूँ भुला ना पाओगे- पगला कहीं का (1969)


Movie/Album: पगला कहीं का (1969)
Music By: शंकर जयिकशन
Lyrics By: हसरत जयपुरी
Performed By: मो.रफ़ी, लता मंगेशकर


तुम मुझे यूँ भुला ना पाओगे
जब कभी भी सुनोगे गीत मेरे
संग संग तुम भी गुनगुनाओगे

रफ़ी
वो बहारें, वो चांदनी रातें
हमने की थीं जो प्यार की बातें
उन नज़ारों की याद आयेगी
जब खयालों में मुझको लाओगे
तुम मुझे यूँ भुला...

मेरे हाथों में तेरा चेहरा था
जैसे कोई गुलाब होता है
और सहारा लिया था बाहों का
वो समां किस तरह भुलाओगे
तुम मुझे यूँ भुला...

मुझको देखे बिना क़रार न था
एक ऐसा भी दौर गुज़रा है
झूठ मानो तो पूछ लो दिल से
मैं कहूंगा तो रूठ जाओगे
तुम मुझे यूँ भुला...

लता
बीती बातों का कुछ ख्याल करो
कुछ तो बोलो, कुछ हमसे बात करो
राज़-ए-दिल मैं तुम्हें बता दूंगी
मैं तुम्हारी हूँ मान जाओगे
तुम मुझे यूँ भुला...

मेरी खामोशियों को समझो तुम
ज़िन्दगी याद में गुज़ारी है
मैं मिटी हूँ तुम्हारी चाहत में
और कितना मुझे मिटाओगे
तुम मुझे यूँ भुला...

दिल ही दिल में तुम्हीं से प्यार किया
अपने जीवन को भी निसार किया
कौन तड़पा तुम्हारी राहों में
जब ये सोचोगे जान जाओगे
तुम मुझे यूँ भुला...



गठिया ,घुटनों का दर्द,कमर दर्द ,सायटिका के अचूक उपचार 

गुर्दे की पथरी कितनी भी बड़ी हो ,अचूक हर्बल औषधि

पित्त पथरी (gallstone) की अचूक औषधि 

सेक्स का महारथी बनाने और मर्दानगी बढ़ाने वाले अचूक नुस्खे


20/7/17

प्यार सिखा दूं, सिखला दो ना,राजिंदर कृष्ण,उपासना (1971)

फ़िल्म/एल्बम: उपासना (1971)
संगीतकार: कल्याणजी-आनंदजी
गीतकार: राजिंदर कृष्ण
गायक/गायिका: लता मंगेशकर, मो.रफ़ी

प्यार सिखा दूं, सिखला दो ना


                        SONG

प्यार सिखा दूं, सिखला दो ना
आओ तुम्हें मैं प्यार सिखा दूं, सिखला दो ना
प्रेम नगर की डगर दिखा दूं, दिखला दो ना
दिल की धड़कन क्या होती है
ये अनजाना राज़ बता दूं, बतला दो ना
आओ तुम्हें मैं प्यार…
पहले धीरे से पलकों की तिलमन ज़रा गिरा लो
कैसे, ऐसे
अब अपने रुखसारों पर ये ज़ुल्फ़ ज़रा बिखरा लो
हूं ऐसे, हां ऐसे
देखो मुझको डर लागे, देखो मुझको डर लागे
जान क्या होगा आगे
सबर करो तो समझा दूं, समझा दो ना
आओ तुम्हें मैं प्यार…
छोड़ के बेगानापन अब तुम मेरे पास आ जाओ
आ गई, लो आ गई
भूल के सारी दुनिया, इन बाहों में खो जाओ
ना ना ना ना, ना बाबा ना
प्यार नहीं होता ऐसे, प्यार नहीं होता ऐसे
होता है फिर वो कैसे
ठहरो तुमको समझा दूं, समझा दो ना
आओ तुम्हें मैं प्यार…
फूल की खुशबू, पवन की सूरत कभी आंख से देखी
नहीं तो
तन तो देखा, मन की मूरत, कभी आंख से देखी
नहीं नहीं
प्यार नहीं कोई वासना, प्यार नहीं कोई वासना
ये तो एक उपासना
समझे? नहीं समझे?
आओ तुम्हें मैं समझा दूं…






सौ बरस की ज़िन्दगी से अच्छे हैं-



फ़िल्म/एल्बम: सच्चाई (1969)
संगीतकार: शंकर जयकिशन
गीतकार:राजिंदर कृषण
गायक/गायिका: आशा भोंसले, मो.रफ़ी
  


    SONG


सौ बरस की ज़िन्दगी से अच्छे हैं
प्यार के दो चार दिन
ज़िन्दगी की हर ख़ुशी से अच्छे हैं
प्यार के दो चार दिन
प्यार ही से ये ज़मीं है, प्यार ही से आसमां
प्यार का लेकर सहारा, चल रहा है ये जहां
प्यार शबनम, प्यार शोला
प्यार ही बाद-ए-सबा
फूल कलियां चांद तारे
सब मोहब्बत के निशां
सौ बरस की ज़िन्दगी से…
ये मुहब्बत दो दिलों का, खूबसूरत राज़ है
दिल की धड़कन जिसकी सरगम, है यही वो ताज़ है
चाहे भंवरे का हो नगमा
या पपीहे की सदा
प्यार कहते हैं जिसे हम
एक ही आवाज़ है
सौ बरस की ज़िन्दगी से…



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