रुक जा रात ठहर जा रे चन्दा- लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
रुक जा रात ठहर जा रे चन्दा- लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

31/7/17

रुक जा रात ठहर जा रे चन्दा-दिल एक मन्दिर


Movie/Album: दिल एक मन्दिर

 (1963)
Music By: शंकर जयकिशन
Lyrics By: शैलेन्द्र
 लता मंगेशकर



         गाना 
रुक जा रात ठहर जा रे चन्दा
बीते ना मिलन की बेला
आज चाँदनी की नगरी में
अरमानों का मेला

पहले मिलन की यादें लेकर
आयी है ये रात सुहानी
दोहराते हैं फ़िर ये सितारे
मेरी तुम्हारी प्रेम कहानी
रुक जा रात...

कल का डरना, काल की चिंता
दो तन है, मन एक हमारे
जीवन सीमा के आगे भी
आऊँगी मैं संग तुम्हारे
रुक जा रात...





पित्त पथरी (gallstone)  की अचूक औषधि