1966 लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
1966 लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

21/5/16

जीना हमको रस ना आया // JEENA HUMKO RAAS NA AAYA -FILM- RAAT AUR DIN- RELEASED IN 1966

जीना हमको रस ना आया,
  JEENA HUMKO RAAS NA AAYA,
लता मंगेशकर 
 FILM- RAAT AUR DIN,
 1966

     
SONG

जीना हम को रास ना आया, हम जाने क्यो जीते है
क्या सावन क्या भादों, अपने सब दिन रोते बीते है


अब क्यो आहे भरते है हम अब क्यो आंसू पीते है


प्यार की बाज़ी आसान समजे, हम ने बड़ी नादानी की
दिल की दुहाई देनेवाले, ये बाज़ी कब जीते है


दौर-ये-जूनून मे क्या क्या सूजी, क्या क्या हम ने कर डाला
खुद ही गरीबा फाड़ लिया है, खुद ह गरीबा सीते है

किडनी फेल (गुर्दे खराब) की हर्बल औषधि 

प्रोस्टेट ग्रंथि बढ्ने से मूत्र बाधा की हर्बल औषधि 

सिर्फ आपरेशन नहीं ,पथरी की 100% सफल हर्बल औषधि 

आर्थराइटिस(संधिवात)के घरेलू ,आयुर्वेदिक उपचार


6/5/16

धीरे धीरे मचल ए दिले बेक़रार // DHEERE DHEERE MACHAL AE DIL E BEKARAR- LATA-FILM-ANUPAMA(1966) MD-HEMANT...

धीरे धीरे मचल ऐ दिल ए बेक़रार,
 DHEERE DHEERE MACHAL AE DIL E BEKARAR,
लता ,Lata
अनुपमा ,Anupama,
1966 ,


             SONG


धीरे धीरे मचल ऐ दिल ए बेक़रार
कोई आता है
कोई आता है
यूँ तड़पके न तड़पा मुझे बालमा
धीरे धीरे ...


उसके दामन की ख़ुशबू हवाओं में है
मुझको करने दे, करने दे सोलह श्रिंगार
उसके कदमों की आहट फ़ज़ाओं में है
कोई आता है
धीरे धीरे मचल...


रूठकर पहले जी भर सताऊँगी मैं
जब मनाएंगे वो, मान जाऊँगी हैं
मुझको करने दे, करने दे सोलह श्रिन्गार
कोई आता है
धीरे धीरे मचल...


मुझको छुने लगिं उसकी पर्छाइयाँ
मेरे सपनों के आँगन में गाता है प्यार
दिलके नज़्दीक बजती हैं शहनाइयाँ
कोई आता है
धीरे धीरे मचल.



पुरुष ग्रंथि (प्रोस्टेट) बढ़ने से मूत्र - बाधा  का  अचूक  इलाज 

*किडनी फेल(गुर्दे खराब ) रोग की जानकारी और उपचार*





28/3/16

या दिल की सुनो दुनिया वालों //Ya Dil Ki Suno Duniya Walo .........how beutiful it is.....

या दिल की सुनो दुनिया वालों
 Ya Dil Ki Suno Duniya Walo
गीतकार : कैफी आज़मी,
 गायक : हेमंत कुमार,
 संगीतकार : हेमंत कुमार,
अनुपमा ,१९६६/

      

या दिल की सुनो दुनियावालों
या मुझको अभी चुप रहने दो
मैं ग़म को खुशी कैसे कह दूँ
जो कहते हैं उनको कहने दो
ये फूल चमन में कैसा खिला
माली की नज़र में प्यार नहीं
हँसते हुए क्या-क्या देख लिया
अब बहते हैं आँसू बहने दो
या दिल की सुनो...
एक ख़्वाब खुशी का देखा नहीं
देखा जो कभी तो भूल गये
माना हम तुम्हें कुछ दे ना सके
जो तुमने दिया वो सहने दो
या दिल की सुनो...
क्या दर्द किसी का लेगा कोई
इतना तो किसी में दर्द नहीं
बहते हुए आँसू और बहें
अब ऐसी तसल्ली रहने दो
या दिल की सुनो...




24/3/16

बहारों ने मेरा चमन// DEVAR -BAHAARON NE MERA CHAMAN -MUKESH -ANAND BAKSHI -ROSHAN (1966).

बहारों ने मेरा चमन 
BAHAARON NE MERA CHAMAN 
गीतकार : आनंद बक्षी,
गायक : मुकेश,
संगीतकार : रोशन,
चित्रपट : देवर (१९६६) /
 Lyricist : Anand Bakshi,
Singer : Mukesh,
 Music Director : Roshan,

    SONG

बहारों ने मेरा चमन लूटकर
खिज़ां को ये इल्ज़ाम क्यों दे दिया
किसीने चलो दुश्मनी की मगर
इसे दोस्ती नाम क्यों दे दिया

मैं समझा नहीं ऐ मेरे हमनशीं
सज़ा ये मिली है मुझे किस लिये
के साक़ी ने लब से मेरे छीन कर
किसी और को जाम क्यों दे दिया

मुझे क्या पता था कभी इश्क़ में

रक़ीबों को कासिद बनाते नहीं

खता हो गई मुझसे कासिद मेरे

तेरे हाथ पैगाम क्यों दे दिया
खुदाया यहाँ तेरे इन्साफ़ के

बहुत मैंने चर्चे सुने हैं मगर

सज़ा की जगह एक खतावार को