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14/11/18

बेकरार दिल तू गाए जा /दूर का राही/किशोर कुमार

चित्रपट :  दूर का राही
संगीतकार : बेकरार दिल तू गाए जा
गीतकार: ए ईर्शाद
गायक -Kishore Kumar,  Sulakshna Pandit
बेक़रार दिल, तू गाये जा
खुशियों से भरे वो तराने
जिन्हें सुन के दुनिया झूम उठे और झूम उठे दिल दीवाने
बेक़रार दिल ...

 राग हो कोई मिलन का, सुख से भरी सरगम का युग-युग के बंधन का, 
साथ हो लाखों जनम का ऐसे ही बहारें गाती रहें, और सजते रहे वीराने 
जिन्हें सुन के ... 
रात यूँ ही थम जायेगी, रुत ये हंसीं मुसकाएगी बंधी कली खिल जायेगी, 
और शबनम शरमायेगी प्यार के वो कैसे नगमे, जो बन जायें अफ़साने 
जिन्हें सुन के ...
दर्द में डूबी धुन हो, सीने में इक सुलगन हो 
सांसों में हलकी चुभन हो, सहमी हुई धड़कन हो 
दोहराते रहें बस गीत ये आ, दुनिया से रहें बेगाने 


1/4/16

जुबान पर दर्द भरी// Zuban Pe Dard Bhari - Mukesh - MARYADA

जुबां पर दर्द भरी,
 Zuban Pe Dard Bhari
Mukesh,
1971
मूवी-  मर्यादा


              गाना
जुबां पे दर्द भरी दास्तां चली आई - 2
बहार आने से पहले खिज़ां चली आई
जुबां पे दर्द भरी दास्तां चली आई

खुशी की चाह में मैने उठाए राज बड़े -2
मेरे नसीब के मेरे कदम जहाँ भी पड़े
ये बदनसीबी मेरी भी वहां चली आई
जुबां पे दर्द भरी दास्तां चली आई
उदास रात है वीरान दिल की महफिल है - 2
ना हमसफर है कोई और ना कोई मंज़िल है
ये जिंदगी मुझे लेकर कहाँ चली आई
जुबां पे दर्द भरी दास्तां चली आई
बहार आने से पहले खिज़ां चली आई

6/3/16

कहीं दूर जब दिन ढल जाये //Anand - Kahin Door Jab Din Dhal Jaaye Saanj - Mukesh

कहीं  दूर जब दिन ढल जाये
गीतकार : योगेश,
 गायक : मुकेश
, संगीतकार : सलील चौधरी,
 चित्रपट : आनंद (१९७१)
/ Lyricist : Yogesh,
 Singer : Mukesh,
 Music Director : Saleel Chowdhury,
 Movie : Anand (1971)

      SONG 

कहीं दूर जब दिन ढल जाए
साँझ की दुल्हन बदन चुराए
चुपके से आए
कोई सपनों के दीप जलाए, दीप जलाए
मेरे ख़यालों के आँगन में
कभी यूँहीं, जब हुईं, बोझल साँसें
कहीं दूर ...

तभी मचल के, प्यार से चल के
भर आई बैठे बैठे, जब यूँ ही आँखें

छुए कोई मुझे पर नज़र न आए, नज़र न आए
कहीं दूर ...
घनी थी उलझन, बैरी अपना मन
कहीं तो ये, दिल कभी, मिल नहीं पाते
कहीं से निकल आए, जनमों के नाते
दिल जाने, मेरे सारे, भेद ये गहरे
अपना ही होके सहे दर्द पराये, दर्द पराये
कहीं दूर ...

खो गए कैसे मेरे, सपने सुनहरे
कहीं दूर ...
ये मेरे सपने, यही तो हैं अपने
मुझसे जुदा न होंगे इनके ये साये, इनके ये साये



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8/9/15

जाने क्यूँ लोग मूहोब्बत किया करते हैं// JANE KYU LOG MOHHBAT

गीतकार : आनंद बक्षी,
गायक : लता मंगेशकर,
 संगीतकार : लक्ष्मीकांत प्यारेलाल,
 Lyricist : Anand Bakshi,
Singer : Lata Mangeshkar,
 Music Director : Laxmikant Pyarelal,
Movie : Mehbood Ki Mehandi 
1971

                SONG 
इस ज़माने में इस मोहब्बत ने
कितने दिल तोड़े कितने घर फूँके
जाने क्यों लोग मुहब्बत किया करते हैं
दिल के बदले दर्द\-ए\-दिल लिया करते हैं
जाने क्यों लोग मुहब्बत किया करते हैं
तन्हाई मिलती है, महफ़िल नहीं मिलती
राहें मुहब्बत में कभी मन्ज़िल नहीं मिलती
दिल टूट जाता है, नाकाम होता है
उल्फ़त में लोगों का यही अन्जाम होता है
कोई क्या जाने, क्यों ये परवाने,
क्यों मचलते हैं, ग़म में जलते हैं
आहें भर भर के दीवाने जिया करते हैं
जाने क्यों लोग मुहब्बत किया करते हैं /

सावन में आँखों को, कितना रुलाती है
फ़ुरक़त में जब दिल को किसी की याद आती है
ये ज़िन्दगी यूँ ही बरबाद होती है
हर वक़्त होंठों पे कोई फ़रियाद होती है
ना दवाओं का नाम चलता है
ना दुआओं से काम चलता है
ज़हर ये फिर भी सभी क्यों पिया करतें हैं
जाने क्यों लोग मुहब्बत किया करते हैं
महबूब से हर ग़म मनसूब होता है
दिन रात उल्फ़त में तमाशा खूब होता है
रातों से भी लम्बे ये प्यार के किस्से
आशिक़ सुनाते हैं जफ़ा ए यार के क़िस्से
बेमुरव्वत है, बेवफ़ा है वो,
उस सितमगर का अपने दिलबर का,
नाम ले ले के दुहाई दिया करते हैं
जाने क्यों लोग मुहब्बत किया करते हैं


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