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4/9/18

ये हवा, ये रात ये चांदनी//dilip kumar,madhubala

Film: Sangdil
 Music Director: Sajjad
 Lyricist: Rajinder Krishan

 Singer(s): Talat Mahmood

ये हवा, ये रात ये चांदनी, तेरी एक अदा पे निसार है
मुजे क्यो ना हो तेरी आरजू, तेरी जुस्तजू मे बहार है

तुजे क्या खबर है, ओ बेखबर
तेरी एक नजर मे है क्या असर
जो गजब मे आये तो कहर है
जो हो मेहराबा तो करार है

तेरी बात बात है दिलनशी
कोइ तुज से बढ़ के नही हसी
है कली कली पे जो मस्तिया
तेरी आंख का ये खुमार है


किडनी फेल (गुर्दे खराब) की हर्बल औषधि

प्रोस्टेट ग्रंथि बढ्ने से मूत्र बाधा की हर्बल औषधि

सिर्फ आपरेशन नहीं ,पथरी की 100% सफल हर्बल औषधि

पित्त पथरी (gallstone) की अचूक औषधि



11/4/16

मैं दिल हूँ एक अरमान भरा// main dil hoon ek arman bhara.. anhonee1952 -talat mehmood - Satyendra At...

मैं दिल हूँ एक अरमान भरा,
 main dil hoon ek arman bhara,
अनहोनी ,
1952, 

      SONG

मैं दिल हूँ इक अरमान भरा
तू आके मुझे पहचान ज़रा
तू आके मुझे पहचान ज़रा
इक सागर हूँ ठहरा ठहरा
ख़ुद मैने हुस्न के हाथों में,
मैं दिल हूँ इक अरमान भरा
गालों को गुलाबों का रुतबा,
शोखी का छलकता जाम दिया
आँखों को दिया सागर गहरा
कलियों को लबों का नाम दिया, नाम दिया
तू आके मुझे पहचान ज़रा
पर दिल की दौलत के आगे
ये सच है, तेरी महफ़िल में,
मेरे अफ़साने कुछ भी नहीं
दुनिया के खज़ाने कुछ भी नहीं
आखिर इक दिन बुझ जायेंगे
यूं मुझसे निगाहों को ना चुरा
तू आके मुझे पहचान ज़रा
ये झिलमिल कर्ते हुए दिये
दौलत के नशे में डूबे हुए
ये गीत मेरा
ये राग रंग मिट जायेंगे
गूँजेगा मगर ये गीत मेरा


गोमूत्र और हल्दी से केन्सर का इलाज


30/3/16

वो ज़ालिम प्यार क्या जाने // vo jalim pyaar kyaa jaane Talat Mahmood

वो ज़ालिम प्यार क्या जाने
vo jalim pyaar kyaa jaane
Talat Mahmood
फिल्म-परछाईं
                        गाना
मुहब्बत ही न जो समझे, वो ज़ालिम प्यार क्या जाने
निकलती दिल के तारों से, जो है झंकार क्या जाने
मुहब्बत ही न जो समझे ...

गला किसका कटा क्यूँकर कटा तलवार क्या जाने
उसे तो क़त्ल करना और तड़पाना ही आता है
मुहब्बत ही न जो समझे ...


दवा से फ़ायदा होगा कि होगा ज़हर ए क़ातिल से मज़र् की क्या दवा है ये कोई बीमार क्या जाने मुहब्बत ही न जो समझे ... करो फ़रियाद सर टकराओ अपनी जान दे डालो तड़पते दिल की हालत हुस्न की दीवार क्या जाने मुहब्बत ही न जो समझे


गठिया ,घुटनों का दर्द,कमर दर्द ,सायटिका के अचूक उपचार 

गुर्दे की पथरी कितनी भी बड़ी हो ,अचूक हर्बल औषधि

पित्त पथरी (gallstone) की अचूक औषधि 

सेक्स का महारथी बनाने और मर्दानगी बढ़ाने वाले अचूक नुस्खे


मन धीरे धीरे गाये //TALAT MAHMOOD & SURAIYA - Man dheere dheere gaye MAALIK

मन धीरे धीरे  गाये
 Man dheere dheere gaye
तलत महमूद,
talat mahmood
film - malik
1958,

गाना 
मन धीरे धीरे गाये रे
मालूम नहीं क्यों
बिन गाये रहा न जाये रे
मालूम नहीं क्यों

पलकों में छुपा कर गोरी
लाई है मिलन की डोरी
अब साथ है जीवन भर का
लो थाम लो बैंया मोरी
इक बात ज़ुबाँ पर आये रे
मालूम नहीं क्यों

आशाओं ने ली अंगड़ाई
तन मन में बजी शहनाई
दिल डूब गया मस्ती में
इक लहर खुशी की छाई
दिल हाथ से निकला जाये रे
मालूम नहीं क्यों
पुरुष ग्रंथि (प्रोस्टेट) बढ़ने से मूत्र - बाधा का अचूक इलाज 

*किडनी फेल(गुर्दे खराब ) रोग की जानकारी और उपचार*

गठिया ,घुटनों का दर्द,कमर दर्द ,सायटिका के अचूक उपचार 

गुर्दे की पथरी कितनी भी बड़ी हो ,अचूक हर्बल औषधि

ए मेरे दिल कहीं और चल //Aye Mere Dil Kahin Aur Chal - Daag - Talat Mahmood

ए मेरे दिल कहीं और चल ,
 Aye Mere Dil Kahin Aur Chal,
फिल्म-दाग ,
Talat Mahmood
          गाना
ऐ मेरे दिल कहीं और चल
ग़म की दुनिया से दिल भर गया
ढूँढ ले अब कोई घर नया
ऐ मेरे दिल कहीं और चल

चल जहाँ गम के मारे न हों
झूठी आशा के तारे न हों
झूठी आशा के तारे न हों
इन बहारों से क्या फ़ायदा
जिस में दिल की कली जल गई
ज़ख़्म फिर से हरा हो गया
ऐ मेरे दिल कहीं और चल
चार आँसू कोई रो दिया
फेर के मुँह कोई चल दिया
फेर के मुँह कोई चल दिया
लुट रहा था किसी का जहाँ
देखती रह गई ये ज़मीं
चुप रहा बेरहम आसमां
ऐ मेरे दिल कहीं और चल