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9/3/16

अजीब दास्तां है ये // ajeeb dastan hai ye

अजीब दास्तां है ये
ajeeb dastan hai ye 
गायक : लता मंगेशकर,
संगीतकार : शंकर जयकिशन,
 दिल अपना और प्रीत पराई 

      


अजीब दास्तां है येकहाँ शुरू कहाँ खतम
ये मंज़िलें है कौन सी न वो समझ सके न हम
अजीब दास्तां...
धुआँ उठा चिराग से ये रोशनी के साथ क्यों
ये ख़्वाब देखती हूँ मैं
किसी का प्यार लेके तुम के जग पड़ी हूँ ख़्वाब से
अजीब दास्तां... नया जहाँ बसाओगे मुबारकें तुम्हें के तुमये शाम जब भी आएगी तुम हमको याद आओगे अजीब दास्तां...
किसीके नूर हो गए
किसीके इतने पास हो
के सबसे दूर हो गए

अजीब दास्तां





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