shamshad begum लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
shamshad begum लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

29/3/16

कभी आर कभी पार //Kabhi Aar Kabhi Paar - Shyama, Guru Dutt, Shamshad Begum, Aar Paar Song

कभी आर कभी पार
 गायक : शमशाद बेगम,
संगीतकार : ओ. पी. नय्यर,
चित्रपट : आर पार

                
कभी आर कभी पार लागा तीर-ए-नज़र
सैंया घायल किया रे तू ने मेरा जिगर
कभी आर कभी पार   ...

पहले मिलन में ये तो दुनियाँ की रीत है
बात में गुस्सा लेकिन दिल ही दिल में प्रीत है
मन ही मन में लड्डू फूटे
नैनों से फुल्झड़ियाँ छूटे
होंठों पर तक़रार
कभी आर कभी पार   ...
देखती रह गयी मैं तो जिया तेरा हो गया
मारा ऐसा तीर नज़र का
दर्द मिला ये जीवन भर का
लूटा चैन क़रार
कभी आर कभी पार   ...
किडनी फेल (गुर्दे खराब) की हर्बल औषधि

प्रोस्टेट ग्रंथि बढ्ने से मूत्र बाधा की हर्बल औषधि

सिर्फ आपरेशन नहीं ,पथरी की 100% सफल हर्बल औषधि

पित्त पथरी (gallstone) की अचूक औषधि




---------

कहीं पे निगाहें कहीं पे निशाना Kahin Pe Nigahen Kahin Pe Nishana - Shamshad Begum, Waheeda Rahman, CID ...

गीतकार : मजरुह सुलतानपुरी,
 गायक : शमशाद बेगम,
संगीतकार : ओ. पी. नय्यर,

     
कहीं पे निगाहें कहीं पे निशाना
 जीने दो ज़ालिम बनाओ न दीवाना 
कहीं पे निगाहें... 
कोई न जाने इरादे हैं किधर के
 मार न देना तीर नज़र का किसी के जिगर पे 
नाज़ुक ये दिल है बचाना ओ बचाना 
कहीं पे निगाहें... 
तौबा जी तौबा निगाहों का मचलना
 देख-भाल के ऐ दिलवालों पहलू बदलना 
क़ाफ़िर अदा की अदा है मस्ताना 
कहीं पे निगाहें... 
ज़ख़्मी हैं तेरे जायें तो कहाँ जायें 
तेरे तीर के मारे हुये देते हैं सदायें 
कर दो जी घायल तुम्हारा है ज़माना 
कहीं पे निगाहें... 
आया शिकारी ओ पंछी तू सम्भल जा
 देख जाल है ज़ुल्फ़ों का तू चुपके से निकल जा
 उड़ जा ओ पंछी शिकारी है दीवाना
 कहीं पे निगाहें...

पुरुष ग्रंथि (प्रोस्टेट) बढ़ने से मूत्र - बाधा का अचूक इलाज




---

ले के पहला पहला प्यार Leke Pehla Pehla Pyar - Dev Anand, Shakila, Shamshad Begum, Mohd Rafi, C...



ले के पहला पहला प्यार
गीतकार : मजरुह सुलतानपुरी,
गायक : आशा - रफी - शमशाद बेगम,
संगीतकार : ओ. पी. नय्यर,
चित्रपट : सी. आय. डी. 
१९५६
Lyricist : Majrooh Sultanpuri,
Singer : Asha Bhosle - Mohammad Rafi - Shamshad Begum,
Music Director : O. P. Nayyar,


     गाना 

 लेके पहला-पहला प्यार
भर के आँखों में खुमार
जादू नगरी से आया है कोई जादूगर

उसकी दीवानी हाय कहूँ कैसे हो गई
जादूगर चला गया मैं तो यहाँ खो गई
नैना जैसे हुए चार
गया दिल का क़रार
जादू नगरी से...

तुमने तो देखा होगा उसको सितारों
आओ ज़रा मेरे संग मिल के पुकारो
दोनों हो के बेक़रार
ढूँढे तुझको मेरा प्यार
जादू नगरी से...

जब से लगाया तेरे प्यार का काजल
काली-काली बिरहा की रतियां हैं बेकल
आजा मन के श्रृंगार
करे बिन्दिया पुकार
जादू नगरी से...

मुखड़े पे डाले हुए ज़ुल्फ़ों की बदली
चली बलखाती कहाँ रुक जा ओ पगली
नैनों वाली तेरे द्वार
ले के सपने हज़ार
जादू नगरी से...



चाहे कोई चमके जी चाहे कोई बरसे
बचना है मुश्किल पिया जादूगर से
देगा ऐसा मन्तर मार
आखिर होगी तेरी हार
जादू नगरी से...

सुन-सुन बातें तेरी गोरी मुस्काई रे
आई-आई देखो-देखो आई हँसी आई रे
खेले होठों पे बहार
निकला गुस्से से भी प्यार