17/10/17

घर से निकलते ही कुछ दूर चलते ही/पापा कहते हैं (1996)

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Movie/Album: पापा कहते हैं (1996)
Music By: राजेश रोशन
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: उदित नारायण, अलका याग्निक

                          SONG
(घर से निकलते ही, कुछ दूर चलते ही रस्ते में है उसका घर कल सुबह देखा तो बल बनती वो खिड़की में आयी नज़र) \-२ मासूम चहरा, नीची निगाहें भोली सी लड़की, भोली अदायें न अप्सरा है, न वो परी है लेकिन यह उसकी जादूगरी है दीवाना कर के वो, एक रँग भर के वो शर्मा के देखे जिधर घर से निकलते ही कुछ दूर चलते ही रस्ते में है उसका घर ... करता हूँ उसके घर के मैं फेरे हँसने लगे हैं अब दोस्त मेरे सच कह रहा हूँ, उसकी कसम है मैं फिर भी खुश हूँ, बस एक ग़म है जिसे प्यार करता हूँ, मैं जिसपे मरता हूँ उसको नहीं है खबर घर से निकलते ही कुछ दूर चलते ही रस्ते में है उसका घर ... लड़की है जैसे, कोई पहेली कल जो मिली मुझको उसकी सहेली मैंने कहा उसको, जाके यह कहना अच्छा नहीं है, यूँ दूर रहना कल शाम निकले वो, घर से तहलने को मिलना जो चाहे अगर घर से निकलते ही कुछ दूर चलते ही रस्ते में है उसका घर ...

16/10/17

ओ दिल की किताब कोरी है, कोरी ही रहने दो


फ़िल्म/एल्बम: यार मेरा (1971)
संगीतकार: शंकर-जयकिशन
गीतकार: हसरत जयपुरी
गायक/गायिका: सुमन कल्याणपुर, मो.रफ़ी

                SONG


ओ दिल की किताब कोरी है, कोरी ही रहने दो
हाय जो अब तक छोरी है, छोरी ही रहने दो
दिल को चुराना चोरी है, चोरी ही रहने दो
गर ये जोरा जोरी है, जोरी ही रहने दो


चंदा को लगे ग्रहण, सूरज को लगे ग्रहण
चंदा को लगे, सूरज को लगे
लगने दो, लगे ग्रहण
होय प्यार की चांदनी गोरी है, गोरी ही रहने दो
ओ दिल की किताब कोरी है…


जब फूल कोई खिल जाये, लहरा के भंवरा आए
आने दो अगर, आता है इधर
फिर अपने आप उड़ जाये
हरजाई ये आदत तोरी है, तोरी ही रहने दो
दिल की किताब कोरी है…


चल दोगे मुस्कुरा के, नज़रों से तुम गिरा के
अच्छा?
जब प्यार किया, इक़रार किया
मानेंगे हम निभा के
हाय तेरी मेरी ये जोड़ी है, जोड़ी ही रहने दो
ओ दिल की किताब कोरी है…

दो नैन मिले, दो फूल खिले/,घूंघट (1960)

फ़िल्म/एल्बम: घूंघट (1960)
संगीतकार: रवि
गीतकार: शकील बदायुनी
गायक/गायिका: आशा भोंसले, महेंद्र कपूर

           SONG
दो नैन मिले, दो फूल खिले
दुनिया में बहार आई
एक रंग नया लायी, एक रंग नया लायी
दिल गाने लगा, लहराने लगा
ली प्यार ने अंगड़ाई
बजने लगी शहनाई, बजने लगी शहनाई
दो नैन मिले…


अरमान भरी नज़रों से बलम
इस तरह हमें देखा न करो
हो जाए ना रुसवा इश्क़ कहीं
दुनिया है बुरी, दुनिया से डरो
दुनिया का मुझे कुछ खौफ़ नहीं
दुनिया तो है हरजाई, और इश्क़ है सौदाई
दो नैन मिले…


ज़ुल्फों की घनी छांव में सनम
दम भर के लिए जीने दे मुझे
इस मस्त नज़र की तुझको कसम
आंखों से ज़रा पीने दे मुझे
पीना तो कोई दुश्वार नहीं
ओ प्यार के शहदायी, बहके तो है रुसवाई
दो नैन मिले…

तेरे बिन, तेरे बिन/ वज़ीर (2015)




फ़िल्म/एल्बम: वज़ीर (2015)
संगीतकार: शांतनु मोइत्रा
गीतकार: विधु विनोद चोपड़ा

गायक/गायिका: सोनू निगम, श्रेया घोषाल
                     SONG
तेरे बिन, तेरे बिन
तेरे बिना मरना नहीं
जीना नहीं तेरे बिन
तेरे बिन…
बावरी पिया, लागे ना जिया
देखो मेरा मन, जलता दीया
जलता दीया, बुझे ना पिया
बुझे ना पिया, जलता दीया
तेरे बिना मरना नहीं
जीना नहीं तेरे बिन
तेरे बिन…

दाग न छूटे माहिया-भूमि


Song Title: Daag
Movie: Bhoomi
Singer: Sukhwinder Singh
Lyrics: Priya Saraiya



            SONG

माहिया.. रे माहिया.. एक बार बहे सौ बार बहे अब सूख गए मेरे नैना.. एक बार बहे सौ बार बहे अब सूख गए मेरे नैना नैना.. एक बार बहे सौ बार बहे मेरे सूख गए अब नैना रज्ज रज्ज के बहे रग रग से बहे अब रूठ गए जी नैना ओ.. नैनो में सपना जल गया हाँ मेरा जो रूह कारी कर गया.. वो गहरा दाग ना छूटे माहिया रे तेरा दाग ना छूटे माहिया नैनो में सपना जल गया हाँ मेरा जो रूह कारी कर गया.. वो गहरा दाग लगा जी सो लगा ये मैला दाग ना छूटे माहिया रे ;"> >तेरा दाग ना छूटे माहिया उन गलियों की चौबारों की उस मिटटी की वो यादें.. यादें.. उन गलियों की चौबारों की उस मिटटी की वो यादें अक्सर आँखें कर जाती हैं उन तस्वीरों से बातें यादों की इन लहरों को चाहूँ मिल जाए ठिकाना ये कागज़ वाली कश्तियाँ चाहूँ मैं पार लगाना पर दिल डरता है फिर से कहीं सावन आये ना.. दाग ना छूटे माहिया वे तेरा दाग ना छुटे माहिया.. नैनो में सपना जल गया हाँ मेरा जो रूह कारी कर गया.. वो गहरा.. दाग ना छूटे माहिया.. वे तेरा दाग ना छूटे माहिया ओ.

तुम तो दरअसल, ख्वाब की बात हो


Song Title: Darasal
Movie: Raabta
Singer: Atif Aslam
Lyrics: Amitabh Bhattacharya

                            SONG
तुम तो दरअसल, ख्वाब की बात हो चलती मेरे ख्यालो में तुम साथ साथ हो मिलती है जो अचानक वो सौगात हो
तुम तो दरअसल मीठी सी प्यास हो लगता है ये हमेशा की तुम आस पास हो ठहरा है जो लबों पे वो एहसास हो तेरी अदा अदा पे मरता मैं वफ़ा वफ़ा सी करता क्यूँ हदों से हूँ गुजरता मैं ज़रा ज़रा ज़रा तुम तो दरअसल साँसों का साज हो दिल में मेरे छुपा जो वही राज राज हो कल भी मेरा तुम ही हो मेरा आज हो कल भी मेरा तुम ही हो मेरा आज हो
हम्म.. बारिश का पानी हो तुम कागज की कस्ती हूँ मैं तुझे में कही मैं बह जाता हूँ हो.. मिलने हूँ तुमसे आता वापस नहीं जा पाता थोडा वहीँ मैं रह जाता हूँ ओ ओ तुम तो दरअसल इक नया नूर हो मुझमे भी हो ज़रा सी ज़रा दूर दूर हो जैसी भी हो हमेशा ही मंज़ूर हो जैसी भी हो हमेशा ही मंज़ूर हो हम्म..
होता है ऐसा अक्सर दिल ये किसी को देकर लगता हसीं है सारा शहर वो.. अब देख तेरा होकर ऐसा असर है मुझ पर हँसता रहूँ मैं आठों पहर हो.. तुम तो दरअसल इश्क हो प्यार हो आती मेरे फ़सानो में तुम बार बार हो [इंकार में जो छुपा है वो इकरार हो] x 3

15/10/17

हल्का-हल्का है मुझे तेरा नशा/फ़िल्म: रईस


फ़िल्म: रईस – Raees (2017)
गायक/गायिका: सोनू निगम, श्रेया घोषाल
गीतकार: जावेद अख्तर
संगीतकार: राम संपत
              SONG
अंदाज़ तेरे बांके
ना जानू है कहां के
हम्म हम्म…
अंदाज़ तेरे बांके
ना जानू है कहां के

आज भी नई लगे तेरी हर अदा
छल्का-छल्का जो हुस्न तेरा
हल्का-हल्का है मुझे तेरा नशा
हल्का-हल्का है मुझे तेरा नशा

हो हो… तुम जो कहती हो (हा आह)
हूँ मेरी तुम सिर्फ मेरी हो (हा आह)
तो मेरा तुम मन झूम जाता है
मेरा मन झूम-झूम-झुम जाता है
हो… तुम जो कहते हो (हा आह)
मेरे ही तुम बांके रहते हो (हा आह)
तो मेरा मन गीत गाता है
मेरा मन गीत कोई गीत गाता है
हम्म… अंदाज़ तेरे बांके
ना जानू है कहां के
आज भी नई लगे तेरी हर अदा
छल्का-छल्का जो हुस्न तेरा
हल्का-हल्का है मुझे तेरा नशा
हल्का-हल्का है मुझे तेरा नशा

हल्का-हल्का है मुझे तेरा नशा
हल्का-हल्का है मुझे तेरा नशा